ड्यूटी खत्म कर करने जाता था 'जिहाद' का काम
डीआईजी सोमेन बर्मा ने बताया कि सिपाही इरशाद इस समय माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर जीआरपी में तैनात है। मूल रूप से गाजीपुर के गहमर का निवासी इरशाद खां पिछले कई वर्ष से आयरन फायर जिम का संचालन करता आ रहा है, पर कागजों पर संचालन फरीद अहमद करता था। कागजों पर जिम का मालिक होने के साथ जिम में फरीद अहमद ट्रेनर के रूप में कार्य करता था। इरशाद भी ड्यूटी खत्म करके जिम में आता था। उसका परिवार मिर्जापुर में ही रहता है। एक वर्ष पहले वह माधोपुर स्टेशन पर जीआरपी में गया है। उससे पहले वह मिर्जापुर में ही विभिन्न थानों पर न्यायालय ड्यूटी में तैनात था।
मुठभेड़ में घायल बदमाश इलाज करवाते हुए।
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जिम में दोस्ती, प्यार...फिर धर्म परिवर्तन का दबाव
वहीं पुलिस ने आरोपी फरीद को मुठभेड़ में पहले ही खड़ंजा फाल के पास से गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान उसके बाएं पैर में गोली लगी है। फरीद जिम में आने वाली लड़कियों से दोस्ती करके प्रेम जाल में फंसा कर उनका वीडियो बनाने के बाद ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाता था।