मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात के क्षेत्र में निरंतर सुधार करते हुए सर्वाधिक कृषि निर्यात वाले राज्यों में पांचवें से तीसरे पायदान पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कटिबद्ध है।
ये बातें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सीखड़ में बुधवार को एपीडा की तरफ से कृषि निर्यात के लिए किसानों को जागरूक करने के बाबत आयोजित क्षमता संवर्धन एवं क्रेता-विक्रेता बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने कहा वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान मात्र आठ महीने में उत्तर प्रदेश ने 14682 करोड़ रुपये का कृषि उत्पाद निर्यात कर गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरा स्थान किया है। केंद्र सरकार देश के किसानों की उपज और आय बढ़ाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उत्तर प्रदेश के उत्पाद को पहुंचाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2022 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से 28.59 करोड़ की लागत से सरदार वल्लभ भाई पटेल निर्यात सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए मंजूरी प्रदान की गई। निर्यात सुविधा केंद्र का शिलान्यास 6 सितंबर 2022 को किया गया था। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल निर्यात सुविधा केंद्र का निर्माण पूरा होने पर कृषि निर्यात के लिए आवश्यक सुविधाएं किसानों को एक ही स्थान पर उपलब्ध हो जाएंगी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि किसानों के फल एवं सब्जियों को तरोताजा रखने के उद्देश्य से वाराणसी में एक पैक हाउस स्थापित किया गया है। उसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च 2023 को किया था। इसके अलावा गोरखपुर में भी एक पैक हाउस स्थापित किया गया है। पैक हाउस में भंडारण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि सीखड़ में हरी मिर्च की पैदावार अधिक होती है तो जमालपुर को धान का कटोरा कहा जाता है। इसी प्रकार जिले में बहुत कुछ है जो हम दुनिया के बाजारों में बेच सकते हैं। साथ ही अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर लगाए गए स्टालों पर कृषि से संबंधित तमाम जानकारी दी जा रही है। किसान स्टालों पर तैनात विशेषज्ञों से बात कर उनके कुछ सीखकर आगे बढ़ने का काम कर सकते हैं। इस दौरान राज्यसभा सांसद रामसकल, विधायक सुनील पटेल, जिला कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन जगदीश सिंह पटेल, डीएम प्रियंका निरंजन, सीडीओ विशाल कुमार आदि मौजूद रहे।