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पीएम आवास में प्रगति न लाने पर सोनभद्र के पीडी को प्रतिकूल प्रविष्टी

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मंडलीय अस्पताल के परिसर में विश्व अल्जाईमर्स डे का कार्यक्रम - फोटो : MIRZAPUR
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मिर्जापुर। पथरहिया स्थित मंडलायुक्त कार्यालय के सभागार में मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र की अध्यक्षता में विकास की मंडलीय समीक्षा बैठक की गई। इस अवसर पर पीएम आवास ग्रामीण में अपेक्षित प्रगति न लाने पर सोनभद्र के परियोजना निदेशक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया गया। मंडलीय समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में विद्युत वसूली में भदोही की स्थिति सबसे खराब है। मिर्जापुर में यह 53.23 प्रतिशत है। सोनभद्र सबसे अच्छी है। वहा 70. 22 प्रतिशत वसूली की गई। निवेश मित्र पोर्टल व झटपट पोर्टल पर जिलों की स्थिति बेहतर नहीं पाई गई। मंडलायुक्त ने कहा कि लंबित प्रकरणों को समय सीमा में निस्तारित करें। इसी प्रकार सेतु निगम के पुलों की निर्माण की स्थिति पर नाराजगी जतायी। कहा कि इसमें काम तेजी से कर प्रगति लाया जाय। कई पुल दिसंबर 2022 तक पूरे होने हैं, उसमें तेजी लाने का निर्देश दिया। इसी क्रम में कृषकों के सत्यापन के लिए भदोही व सोनभद्र में शत प्रतिशत सत्यापन क्यों नहीं हुआ। इसके लिए स्पष्टीकरण मांगा गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सत्यापन के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। यूपीपीसीएल से पूछा गया कि हलिया में रजौली व मुड़पेली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ जबकि इसे जून 2022 में ही पूरा होना था। इसी प्रकार वन, दुग्ध विकास, बेसिक शिक्षा, ई- डिस्ट्रिक्ट पोर्टल, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, लोक निर्माण विभाग आदि विभागों की समीक्षा की गई। लोकनिर्माण विभाग से कहा गया कि जिले में 13 व सोनभद्र में दो सड़कों की मरम्मत होनी थी। वह अभी तक क्यों नहीं हुई, शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी मिर्जापुर दिव्या मित्तल, भदोही से गौरांग राठी, सोनभद्र से चंद्र विजय सिंह, पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर संतोष मिश्रा, सोनभद्र, भदोही, अपर आयुक्त प्रशासन रमेश यादव, संयुक्त विकास आयुक्त सुरेश चन्द्र मिश्र, वन संरक्षक, अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी सोनभद्र व भदोही के अलावा के अन्य सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कौशल विकास कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने पूछा कि इसका लक्ष्य निर्धारित है तो प्रशिक्षण कितनों का किया गया। यह जानने पर कि एक को भी प्रशिक्षित नहीं किया गया है। उन्होंने नाराजगी जतायी और कहा कि यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है। इसे शीघ्रशुरु किया जाय। चेतावनी दी कि इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। मंडलायुक्त ने मनरेगा, एनआरएलएम, पंचायती राज विभाग, मत्स्य, उद्यान, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक, महिला कल्याण, बाल विकास पुष्टाहार की समीक्षा की गई। मनरेगा में बताया गया कि कई योजनाएं मनरेगा में ऐसी हैं । जिसमें स्वीकृत धनराशि से अधिक का भुगतान किया गया है। उसका कारण पूछा गया। इसी के साथ ही ग्राम्य विकास, जलनिगम, खाद्य एवं रसद, श्रम विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, खादी एवं ग्रामोद्योग, सहकारिता व स्वास्थ्य विभाग व पशु पालन विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
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