मिर्जापुर। जिले में बढ़ रहे डेंगू के मरीजों को की सुविधा के लिए 40 बेड का अतिरिक्त वार्ड बना है। इसमें डेंगू के मरीजों के लिए सारी सुविधाएं रहेंगी। मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने यह पहल अमर उजाला में छपी खबर पर किया है। जिले में डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे है। एक माह के अंदर जिले में 50 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। डेंगू के लिए पहले छह बेड का एक वार्ड था। लगातार डेेंगू के मरीजों के बढ़ने के कारण 12 बेड के जिरियाट्रिक वार्ड को भी डेंगू वार्ड में बदल दिया गया। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नवागत प्राचार्य डा. आरबी कमल ने 145 बेड के निर्माणाधीन भवन में 40 बेड का नया डेंगू वार्ड बनाया है। प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल कालेज में डेंगू के मरीजों के लिए बनाए गए अतिरिक्त 40 बेड के वार्ड में पानी, बिजली, मच्छरदानी आदि सभी व्यवस्था को कर दिया गया है। डेंगू वार्ड में छह डाक्टर, छह स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय की तैनाती कर दी इर्ग है। बताया कि मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। इमरजेंसी कक्ष के सामने वाले कमरे को भी आकस्मिक मरीजों के उपचार के लिए रखा गया है। इसके अलावा अस्पताल में ओपीडी के बाद शाम को डाक्टर राउंड करते थे। इसके बाद डाक्टर की जरूरत पड़ने पर उनको बुलाना पड़ता था, या फिर इमरेंसी से डाक्टर जाते थे। अब जूनियर डाक्टर की तैनाती समयानुसार कर दिया गया है जो वार्ड में मौजूद रहेंगे। जरूरत पड़ने पर वे अपने सीनियर डाक्टर को बुलाएंगे। जिला महिला अस्पताल का भवन टूटने के कारण उसे मंडलीय अस्पताल परिसर के 145 बेड के भवन मेें शिफ्ट किया जाएगा। उससे पहले सेंट्रेल पैथालाजी केंद्र की स्थापना की जाएगी। जहां सुबह आठ से रात आठ बजे तक जांच होगी। यह जानकारी मां विंध्यवासिनी स्वाशासी राज्य महाविद्यालय ( मेडिकल कालेज) के नवागत प्राचार्य डा. आरबी कमल ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। बताया कि मंडलीय अस्पताल में इमरजेंसी के पास कमरे में रक्त का सैंपल लेने का कार्य किया जाएगा। वहीं पर रिपोर्ट मिलेगी। इस समय जांच सुबह 11 बजे तक होती है, पर अब जांच सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक होगी। इसके लिए कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। सैंपल और रिपोर्ट देने का कार्य ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरे में होगा, पर जांच दूसरे स्थान पर होगी। दो अक्तूबर को इस सेंट्रेल पैथालाजी का शुभारंभ हो जाएगा। सैंपल लेने के दो घंटे बाद ही रिर्पोट देने का कार्य किया जाएगा। जिससे मरीजों को उपचार में राहत मिलेगी। पैथालाजी को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। जिससे आपरेशन थियेटर तक आपरेशन के दौरान जरुरी जांच रिपोर्ट वहां भेज दी जाए। अस्पताल में कई जांच की मशीने होने और मशीन संचालन करने वाली कंपनी टेंडर 2024 तक होने के बाद भी जांच नहीं हो रहा था। वो सभी जांचें होंगी। अस्पताल में सीबीसी, थायराइड, हारर्मोन व अन्य रुटीन जांचे होंगी।