शहर कोतवाली क्षेत्र के बाबा घाट पर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
लोगों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। इस पर शहर कोतवाल अरविंद मिश्रा पहुंचे। गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। दो-तीन घंटे बीतने के बाद पुलिस ने एनडीआरएफ टीम को बुलाया। पहले आर्यन और बाद में शुभ का शव मिला।
गंगा में डूबने से जान गंवाने वाले दोनों चचेरे भाई माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। राजकुमार केशरवानी और गोविंदो केशरवानी सगे भाई है। दोनों की वासलीगंज में साइकिल की दुकान है। राजकुमार केशरवानी को पुत्र शुभ के अलावा दो पुत्री हैं। गोविंदो केशरवानी को पुत्र आर्यन के अलावा एक पुत्री है।
गंगा में डूबे किशोरों की खोजबीन जारी थी। इस दौरान दोनों बच्चों की मां का घाट पर रो-रोकर हाल बेहाल था। वो बस यही कहती रही कि उनके बच्चे वापस दे दो। दोनों बच्चों की मां के करुण क्रंदन से वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो जा रही थी।
स्थानीय गोताखोरों ने निकाला शव
डूबे किशोरों की तलाश में स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ की टीम लगी थी। एनडीआरएफ की टीम ने गंगा घाट पर पहुंचने पर पहले अपने नाव को तेजी से नचाया, ताकि गंगा में डूबे बालक सतह आ जाएं। लेकिन उनका पता नहीं चला। इसके बाद स्थानीय गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम डूबे बच्चों की तलाश में जुट गई। स्थानीय गोताखोर लोलारक, सरजू, रामकुमार, गनेशु, अजय, राजकुमार, रामबाबू ने शव को बाहर निकाला।