अदलहाट। हेलो, मैं पुलिस अधिकारी बोल रहा हूं। तुम्हारे लड़के ने दुष्कर्म किया है, अगर बचाना चाहते हो तो रुपये खाते में भेज दो। इतना सुनने ही घबराए घुरहूपुर गांव निवासी सर्वजीत सिंह ने बुधवार को अपराह्न करीब तीन बजे साइबर ठग के खाते में दो लाख रुपये भेज दिया। जब पुत्र से बात हुई तब ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित ने अदलहाट थाने में तहरीर दी।
साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका ढूंढ निकाला है। जो बच्चे अपने घर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने दूसरे शहरों में गए हैं, उनके परिजनों के साथ साइबर ठग ठगी कर ले रहे हैं। घुरहुपुर गांव निवासी सर्वजीत सिंह बुधवार को दोपहर में अपने घर में सोए हुए थे। उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि हेलो, मैं पुलिस अधिकारी बोल रहा हूं, तुम्हारा बेटा दुष्कर्म के मामले में फंस गया है। तीन युवकों के साथ तुम्हारा पुत्र भी फंसा है, तुरंत दो लाख रुपये भेज दो तो मैं इसे बचा लूंगा। साइबर ठगों ने एक रोते हुए युवक की आवाज भी सुनाई। इसके बाद पिता सर्वजीत घबरा गए। उन्होंने साइबर ठगों को पैसा भेजने के पहले बंगाल प्रांत के वर्धमान विश्वविद्यालय में बीडीएस की पढ़ाई कर रहे अपने बेटे अनुराग सिंह के मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद था। इससे घबराकर उन्होंने ऑनलाइन पांच खातों में दो लाख रुपये भेज दिया। जब पुत्र ने कुछ देर बाद फोन किया तो उसने बताया कि वह परीक्षा देकर आने के बाद मोबाइल बंद करके सो गया था। यह सुनते ही पिता के होश उड़ गए। इसके बाद पिता ने अदलहाट थाने में साइबर ठगी की सूचना दी। थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने साइबर सेल में सूचना दर्ज कराकर बैंक खाते में भेजे गए पैसे को रोकने के लिए मेल किया। थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि ठगी मामले की जांच की जा रही है।