मिर्जापुर। चुनार के कबीर मठ के पास इस्पात कंपनी के टेक्निकल डायरेक्टर जिवनंदी रथ हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को हाई प्रोफाइल मामले का खुलासा किया। हत्या के कारण के पीछे पुलिस रंगदारी और कंपनी में वर्चस्व को वजह बता रही है पर कई सवालों पर वह खुद ही उलझी नजर आ रही है। फिलहाल ज्यादा जानकारी देने से बच रही पुलिस इसका कारण अपराधियों पर चल रही कार्रवाई बता रही।
पुलिस हत्या में प्रयुक्त असलहा भी बरामद करने का दावा कर रही है पर हत्या के असल कारण को स्पष्ट नहीं कर पा रही। पुलिस रंगदारी समेत, कंपनी में विवाद, वर्चस्व आदि कई कारण बता रही। हालांकि हत्याकांड का मुख्य आरोपी अभी फरार है। बुधवार को पुलिस लाइन के मनोरजंन कक्ष में प्रभारी एसपी संजय कुमार ने हत्याकांड का खुलासा करने के दौरान बताया कि हत्या के कई कारण हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी होने तक कुछ तथ्यों को अभी उजागर नहीं किया जा रहा। जल्द ही मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हत्या की मुख्य वजह का खुलासा किया जाएगा।
गौरतलब है कि उड़ीसा के अंगुल जिले के थाना तलचर साही गुरुदावली निवासी जिवनंदी रथ पुत्र अक्षय रथ चुनार के धौहां स्थित शांति गोपाल कानकास्ट लिमिटेड में टेक्निकल डायरेक्टर के पद पर थे। 27 सितंबर की रात को कबरी मठ के पास बदमाशों ने उनकी गोली मार कर हत्या कर दी। उनके सहयोगी किशोर कुमार दास भी गोली लगने से घायल हो गए। दूसरा साथी सुमित मोहंती जान बचाकर भागा था। हाईप्रोफाइल हत्यांकांड का खुलासा करने के लिए एडीजी, आईजी से लेकर पुलिस अधीक्षक ने टीम गठित की। छानबीन में पुलिस ने मंगलवार की रात को मोहम्मदपुर मड़ई के पास से हत्या में शामिल भोनू उर्फ अजय यादव निवासी सरैया सिकंदरपुर थाना चुनार और अनिल यादव निवासी बेलबीर थना चुनार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के पास से बाइक और भोनू के पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और मैगजीन बरामद की। जिसमें चार-चार कारतूस था। प्रभारी पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि जांच में हत्या के कई कारण सामने आ रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों से कुछ बातें पता चली हैं। मुख्य आरोपी अभी नहीं पकड़ा गया है। फरार आरोपियों को लाभ न मिले इसके लिए तथ्यात्मक बातों को अभी नहीं बताया जा रहा है।
अनिल ने की थी रेकी, भोनू ने मारी थी गोली
मिर्जापुर। जिवनंदी की हत्या में पांच से छह बदमाश शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी अनिल यादव ने बाइक से जिवनंदी के फैक्ट्री से निकलने के बाद से पीछा किया और भोनू ने गोली मारी। गोली मारने वालों में अन्य भी हैं, जो वाराणसी के बड़े माफिया गैंग के शूटर हैं और फरार हैं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अनिल और भोनू ने बताया कि जिवनंदी को रंगदारी के लिए धमकी दी थी। जिवनंदी ने धमकी को अनसुना कर दिया। सबक सिखाने और दहशत कायम करने के लिए हत्या की। प्रभारी एसपी ने बताया कि अनिल ने जिवनंदी के फैक्ट्री से निकलने के बाद रेकी की थी। पूरे रास्ते बाराडीह, चुनार क्रासिंग, दुर्गा मंदिर, रामलीला मंदिर तक पीछा कर पूरी जानकारी फोन पर भोनू और साथ में रहे अन्य साथियों को देता रहा। भोनू ने भी गोली चलाई थी। उस पिस्टल को पुलिस ने भोनू के घर के पीछे जमीन से बरामद किया।