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Mirzapur News: दो दिन में राजधानी एक्सप्रेस से दो सैन्यकर्मियों की गिरकर मौत, उठ रहे सवाल

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जिगना/मिर्जापुर। लगातार दो दिनों से दो सैन्यकर्मियों की राजधानी एक्सप्रेस से गिरकर मौत के बाद अब सवाल उठ रहे हैं। दोनों डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस से ही आ रहे थे। परिजन आशंका जता रहे हैं कि आखिर राजधानी एक्सप्रेस में सफर करने वाले दोनों जवानों की मौत कैसे हुई। इसकी जांच होनी चाहिए।
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आठ मार्च की सुबह पड़री के अघवार और झिंगुरा रेलवे स्टेशन के बीच सैन्यकर्मी का शव मिला था। पहचान मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सैफपुर करमचंदपुर गांव निवासी नितिन कुमार (33) के रूप में हुई। वह असम 10 बटालियन में फील्ड रेजीमेंट में थे। राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर रहे थे। वह भी असम के डिब्रुगढ़ से ट्रेन पर सवार हुए थे।
अगले दिन नौ मार्च की सुबह जिगना के भतड़ा के पास शव मिला। शिनाख्त जिगना के दुगौली गांव निवासी विवेक ओझा के रूप में हुई। विवेक डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस की एसी कोच में सवार थे। दीमापुर से ट्रेन में चढ़े थे। उनका भी शव रेलवे लाइन पर ट्रेन से गिरा मिला। विवेक के साले गंगेश्वर प्रसाद ने पूछा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि दो दिन में राजधानी एक्सप्रेस से सफर करने वाले दो जवानों की मौत हो गई। इसकी जांच होनी चाहिए।
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विवेक के शव का हुआ पोस्टमार्टम
जिगना। सेना में नायक विवेक ओझा की मौत के बाद गांव में शोक की लहर है। तीन माह पूर्व विवेक ओझा का ट्रांसफर लुधियाना से नगालैंड हुआ था। विवेक का परिवार अभी लुधियाना में रह रहा था। परिवार के साथ मां भी तीन माह से लुधियाना में है। विवेक प्रयागराज में परिवार को रखने के लिए होली पर अवकाश लेकर घर आ रहे थे। पिता हृदय शंकर ओझा ने बताया कि लुधियाना से नगालैंड ट्रांसफर होने पर मां को बच्चों और पत्नी के साथ रख कर ड्यूटी पर गए थे। सात मार्च को दीमापुर से प्रयागराज के लिए राजधानी एक्सप्रेस पर चढ़े थे। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद शव सेना के वाहन से गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। विवेक के दोनों बच्चे, पत्नी और मां सड़क मार्ग से लुधियाना से घर के लिए निकरी हैं। उनके देर रात तक घर पहुंचने का अनुमान है। बढ़े भाई विक्रांत ओझा भी कारगिल से घर के लिए निकले हैं। शव का अंतिम संस्कार मंगलवार को दुगौली गंगाघाट पर होगा।
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