मिर्जापुर। लोगों को असली सोना देने के नाम पर धोखाधड़ी कर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को विंध्याचल पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके पास से पीली धातु और नकदी बरामद हुए। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में किया।
देहात कोतवाली क्षेत्र के अघौली निवासी ओम प्रकाश यादव उर्फ दीपक यादव ने विंध्याचल थाने में तहरीर दिया कि वह पिछले वर्ष अघौली गांव से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा था। वह चुनाव हार गया। चुनाव में बहुत पैसा खर्चा हो गया था। आठ माह पहले दो तीन लोग उससे मिले और कम कीमत में खोदाई में मिली सोने की मूर्ति देने की बात कही। आर्थिक मंदी में गुजरने के कारण उनके झांसे में आ गया। उन लोगों ने डेढ़ लाख रुपये लेकर विजयपुर पहाड़ी पर बुलाया। वहां कार और बाइक सवार आठ लोग थे। मूर्ति देकर डेढ़ लाख रुपये ले लिया। जांच कराने पर पता चला कि वह नकली सोना है।
मूर्ति देने वाले का पता किया तो पता चला कि वह भगवानदा बिंद है जो बोलीपुर गांव का रहने वाला है, जो अपने गैंग का लीडर है। तहरीर पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई। छानबीन में पता चला कि ये लोग कई लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। चौकी प्रभारी गैपुरा ने मुखबिर की सूचना पर बृहस्पतिवार को भगवान दास बिंद और अजय बिंद को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरोह में सात से आठ लोग है। उनकी भी तलाश की जा रही है। ये लोग प्रयागराज के मेजा, मांडा, मध्य प्रदेेश आदि स्थानों पर ठगी की घटना को अंजमा दे चुके हैं। इनके पास से चार पीले धातु का गोलाकार वस्तु एक पीले धातु की नंदी की मूर्ति व 22 हजार नकदी बरामद किया गया है। गैंग के अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।