हलिया। स्थानीय विकास खंड में हलिया- लालगंज संपर्क मार्ग पर स्थित सुसुआड़ नदी पर निर्माणाधीन पुल के चलते नदी आर-पार करना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। जहां जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त रपटे के सहारे नदी आर-पार कर रहे हैं, वहीं अन्य लोगों को 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी का चक्कर लगाकर गंतव्य दिशा की ओर पहुंचना पड़ रहा है।
हलिया से मिर्जापुर, वाराणसी सहित लालगंज तहसील की ओर जाने वाले राहगीर निर्माणाधीन पुल के बगल से बने गड्ढे में तब्दील क्षतिग्रस्त रपटे के सहारे गिरते-पड़ते आवागमन करना पड़ रहा है। बताते चलें कि हलिया विकास खंड से जनपद तथा वाराणसी एवं दूर-दराज के क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बसुहरा गांव के पास स्थित सुसुआड़ नदी पर पुल का निर्माण कार्य करने वाले कंट्रक्शन कंपनी की ओर से अभी तक कोई अस्थाई व्यवस्था न होने के कारण आवागमन बाधित हो रहा है। गंतव्य दिशा की ओर जाने वाले या तो ड्रमंड्रगंज होते हुए 40 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगा रहे हैं, वहीं लंबी दूरी से बचने के लिए कई रपटे के सहारे ही जान जोखिम में डालकर निकलने का प्रयास कर रहे हैं। आवागमन के दौरान अधिकांश राहगीर अथवा नदी में गिर कर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण क्रमश: लल्लन तिवारी, अमृतलाल, प्रशांत कुमार, यासीन अली आदि का कहना है कि नदी पार करने के लिए एक रपटा था, जिस पर कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा पुल का निर्माण किया जा रहा है। नदी आर-पार करने के लिए कोई ठोस रास्ता तैयार नहीं किया गया है। नदी आर-पार करने के लिए स्थाई रास्ता बनवाए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के साथ ही मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत किया है।