मेजवां। फूलपुर कस्बा में बृहस्पतिवार को स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं स्वयंसेवक हरिश्चंद्र बरनवाल ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती आधुनिक भारत के प्रखर चिंतक, समाजसेवी और महान समाज सुधारक थे। उन्होंने आर्य समाज की स्थापना कर समाज में व्याप्त कुरीतियों बाल विवाह, सती प्रथा, ऊंच-नीच का भेदभाव और छुआछूत का विरोध किया। वे सभी को शिक्षा का अधिकार देने के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने बताया कि स्वामी दयानंद ने स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है का ध्येय वाक्य दिया, जिसे आगे चलकर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जन-जन तक पहुंचाया। उनके विचारों से प्रेरित होकर अनेक स्वतंत्रता सेनानी आजादी के आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। संवाद