उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने आटा, मैदा, बेसन, दूध, दही, पेंसिल, एलईडी लाइट के अलावा विभिन्न खाद्य पदार्थों व घरेलू उपयोग में आने वाले सामानों पर जीएसटी बढ़ाए जाने के प्रति प्रदर्शन कर विरोध जताया। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर केंद्रीय वित्तमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
प्रदर्शन में व्यापारियों ने नान ब्रांडेड पैक चावल, दाल, आटा, दूध, दही, पनीर पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने, स्टेशनरी सामान सहित चम्मच, काटा जैसी वस्तुओं पर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत जीएसटी की दर करने पर नाराजगी जताई। व्यापारियों ने होटल में एक हजार रुपये से कम किराया होने पर भी 12 प्रतिशत जीएसटी का विरोध किया। व्यापार मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष व नगर मंत्री शत्रुघन केसरी ने नई और बढ़ाई गई जीएसटी दरों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नॉन ब्रांडेड खाद्य व दूध, पनीर जैसी वस्तुओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी पहली बार लगाया गया है। जिलाध्यक्ष शिव मुंदड़ा ने कहा कि स्टेशनरी जैसी वस्तुओं पर 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत जीएसटी करने से गरीब परिवार प्रभावित होंगे। व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जीएसटी काउंसिल ने बढ़ी दरों को वापस नहीं लिया तो उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलामंत्री एवं पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद चौधरी, रामबाबू कसेरा, कपड़ा व्यापार संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार जैन, जय प्रकाश सेठ, मनोज कुमार शुक्ल, नारायण अग्रवाल, गोपाल अग्रहरि, विनीत कसेरा, संजय गुप्ता, अहमद अली, अंकित अग्रहरि, सलीम अहमद आदि शामिल रहे।