मिर्जापुर। प्रमुख पद के लिए भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस ने भले ही अभी कोई पत्ते नहीं खोले पर इसे लेकर सरगर्मियां अभी से शुरू हो गयी हैं। सिटी, पहाड़ी, कोन, मझवां, सीखड़, जमालपुर समेत बारहों विकास खंड में 1092 नव निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्यों की कद्र बढ़ गयी है। प्रमुख पद के कई दावेदार लक्जरी वाहनों से नव निर्वाचित बीडीसी सदस्यों के घर मिठाई के साथ बधाई देने पहुंचकर जोड़तोड़ में लगे हैं।
सिटी विकास खंड में 122 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के बीच प्रमुख पद के लिए रस्साकसी शुरू हो गई है। निर्वतमान प्रमुख पुष्प कुमार व मनोरमा निर्विरोध निर्वाचित होकर इस पद के लिए जोड़तोड़ में लगे हुए हैं वहीं देवरी से निर्विरोध जीत दर्ज कराती हुई तरकापुर ग्रामीण निवासी पार्वती देवी पत्नी संतोष कुमार तिवारी भी जोर आजमाइश में लगी हुई हैं। सिटी विकास खंड में इनके नामों की चर्चा जारों पर है। जमालपुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के गृह क्षेत्र में ब्लाक प्रमुख चुनाव को लेकर सरगर्मी दो दावेदार के बीच चरम पर है। अभी किसी पार्टी की ओर से अपना पत्ता नहीं खोलने से कुछ नरमी है। लेकिन दावेदारों द्वारा बीडीसी सदस्यों को लुभाने व खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जमालपुर विकास खंड में नव निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्यों बधाई के नाम पर मिठाइयां पहुंचाकर उन्हें लुभाया जा रहा है। मझवां, प्रमुख पद की कुर्सी तक पहुंचने के लिए जोर अजमाइश शुरू हो गयी है। मझवा प्रखंड में क्षेत्र पंचायत के 76 पद हैं। राजनीतिक पार्टियां भी अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार सकती हैं। एक पूर्व ब्लाक प्रमुख के समर्थकों के न जीतने की वजह से अब मैदान में तीन ही लोगों के नामों की चर्चा जोरों पर है। चड़िया गांव के दो बार ब्लॉक प्रमुख रहे अखिलेश सिंह उर्फ लाखन सिंह अपना चुनाव तो नहीं जीत सके लेकिन उनके पुत्र मझवां ब्लाक प्रमुख के दावेदारी में लगे हैं। सीखड़, स्थानीय विकास खंड में प्रमुख पद के दावेदारों की ओर से बीडीसी सदस्यों को लुभाने व खरीद-फरोख्त का काम शुरू हो गया है। एक दावेदार की ओर से तो एक लाख नगद व एक किलोग्राम मिठाई पहुुंचाया जा रहा है। प्रमुख पद के लिए क्षेत्र से पूर्व ब्लाक प्रमुख छत्रपति सत्येंद्र सिंह के नाम की चर्चा है। पिछले वर्ष सुरक्षित सीट होने के चलते ब्लाक प्रमुख का चुनाव नहीं लड़ पाए थे। इस बार पुन: भाग्य आजमाने के मूड में हैं। वे पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह के चचेरे भाई हैं।