सक्तेशगढ़ स्थित श्री परमहंस आश्रम में सोमवार की सांयकाल तक आस्था का समंदर उमड़ पड़ा। आश्रम में इस वर्ष करीब 12 लाख शिष्यों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। 45-50 एकड़ भूमि में पंडाल लगाया गया है। शिष्यों की सुविधा के लिए आश्रम परिसर में भोर में चार बजे से ही स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज का दर्शन सुलभ हो पाएगा और दर्शन के साथ ही भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण भी शुरू हो जाएगा।
गुरु पूर्णिमा पर जिले के सक्तेशगढ़ स्थित श्री परमहंस आश्रम में स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के दर्शन-प्रवचन एवं विशाल भंडारे का आयोजन परंपरागत तरीके से किया जाएगा। भक्ताें की सुविधा के लिए आश्रम परिसर में भोर से ही स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज का दर्शन सुलभ हो पाएगा और दर्शन के साथ ही भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण भी आरंभ हो जाएगा। प्रशासनिक व्यवस्था के अलावा करीब एक हजार से अधिक स्वयं सेवक बैच लगाकर ड्यूटी देंगे।
70 बीघे क्षेत्र परिसर में सोमवार से ही प्रसाद बनना शुरू हो गया, जो 20 जुलाई तक चलेगा, इसमें एक हजार कुंतल गल्ला का इस्तेमाल हो रहा है। आश्रम के तीन किमी उत्तर व तीन किमी दक्षिण तक सिद्धनाथ की दरी से जौगढ़ नदी तक बेहतरीन लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। सोमवार को दिन भर प्रवचन का दौर चलता रहा, जिसमें नारद जी महाराज सहित बच्चा बाबा, गिरी आनंद, तानसेन बाबा, साहब बाबा, चिन्मयानंद बाबा आदि ने अपनी ओजस्वी वाणी से भक्ति व ज्ञान की गंगा बहाई।
आश्रम परिसर से 50 हजार यथार्थ गीता और अन्य धार्मिक पुस्तकाें पर 90 प्रतिशत की छूट के साथ भक्तों के बीच दिया जा रहा है। आश्रम परिसर में शिष्यों के लिए नि:शुल्क दवाईयाें की भी व्यवस्था की गई है। होमोयोपैथिक चिकित्सा के लिए डा. कुसुमाकर का चिकित्सा कैंप भी परिसर में लगाया गया है।
आश्रम परिसर में सोमवार की शाम तक करीब दो से तीन लाख भक्त पहुंच चुके है, जगह जगह पुस्तकाें का स्टाल लगाया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था के अलावा आश्रम परिसर में हजाराें की संख्या में स्वयं सेवक लगाए गए हैं, जो मुस्तैदी के साथ डटे हुए हैं।