मिर्जापुर। मंगलवार को दोपहर बाद अचानक तेज आंधी के चलते कई जगह घरों पर रखे टिन शेड और छप्पर उड़ गए। पहले से काटकर खेतों में रखी गेहूं के बोझ और डंठल हवा में उड़ गए। आंधी के चलते आम के बौर और टिकोरा भी गिर गए। इससे किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा।
बादलों के साथ ही मौसम बदलने से तापमान में गिरावट से लोगों को तेज धूप और गर्मी से भले ही राहत मिली, लेकिन आंधी के कारण फसलों को काफी क्षति पहुंची। मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। मंगलवार को दोपहर बाद आंधी के कारण नगर में भी सड़कों पर धूल के गुब्बार के चलते राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जो जहां था, वहीं ठहर गया। उधर, छानबे क्षेत्र में शाम चार बजे आई आंधी से खेतों में रखी फसलें उड़ गईं और आम के बौर और टिकोरे भी गिर गए। कुछ स्थानों पर पुरानी मड़ई, टिन शेड आदि उड़ गए। आंधी के चलते फसलों की कटाई और मड़ाई का काम भी प्रभावित हुआ। सिटी, हलिया तथा पड़री क्षेत्र में आंधी के चलते फसलों को नुकसान हुआ। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह तथा मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि आसमान में बादल जरूर दिखाई देंगे, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है।