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Mirzapur News: कफ सिरप मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, शुभम जायसवाल गिरोह से जुड़े है तार

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मिर्जापुर। चुनार पुलिस ने छह महीने पहले बरामद किए कफ सिरप मामले की जांच करते हुए सोमवार को कफ सिरप की सप्लाई में जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये फर्जी फर्म बनाकर कफ सिरप की सप्लाई करते थे। इन तीनों का लिंक कोडिन युक्त कफ सिरप सप्लाई करने के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल गिरोह से जुड़ा है। पुलिस लिंक मिलने के बाद जांच पड़ताल कर रही है। अभी और आरोपी पकड़े जाएंगे।
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चुनार पुलिस ने 26 अगस्त 2025 को डीसीएम में लेकर जा रहे 8374 शीशी कफ सिरप बरामद की थी। सिरप को तस्कर मध्य प्रदेश लेकर जा रहे थे। मामले में पुलिस ने सुनील कुमार बैरागी निवासी राजू कॉलोनी मंडला थाना मंडला मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया था। पुलिस को उस समय सप्लाई करने वालों के बारे में पता नहीं चल सका था। इसके बाद वाराणसी समेत अन्य स्थानों से शुभम जायसवाल गिरोह पर कोडिन युक्त कफ सिरप सप्लाई करने का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद वाराणसी समेत आसपास के जिलों में कोडिन युक्त कफ सिरप सप्लाई करने के नकली फर्म का खुलासा हुआ। अदलहाट और जमालपुर में भी नकली फर्म बनाकर कफ सिरप बेचने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने मामले में चुनार पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने अगस्त में बरामद कफ सिरप मामले के लिंक की तलाशी तो तार वाराणसी से जुड़े मिले। मामले में पुलिस ने तीन आरोपी प्रथम जायसवाल उर्फ किशन जायसवाल निवासी बुलेटन थाना चौक जनपद वाराणसी, उज्ज्वल केशरी निवासी बुलेटन थाना चौक जनपद वाराणसी व अमरजीत कुमार निवासी बेनिया बाग थाना चौक जनपद वाराणसी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

प्रथम और उज्जवल ने अमरजीत से बनवाया फर्जी फर्म
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि पुलिस की जांच में आया कि अमरजीत ने अपने डॉक्युमेंट पर फर्जी कंपनी बनाई। कंपनी बनाने के लिए प्रथम और उज्ज्वल ने अमरजीत की तलाश की। ये दोनों किसी और के लिए कार्य करते हैं। उनके निर्देश पर अमरजीत जैसे लोगों को पकड़कर फर्जी कंपनी बनवाते हैं। जांच की जा रही है। कुछ अन्य का पता चला है। उनको भी जल्द पकड़ा जाएगा।
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तीन करोड़ का हुआ है ट्रांजेकशन
अमरजीत के फर्जी फर्म बनाने के बाद उसके खाते से तीन करोड़ का ट्रांजेक्शन किया गया है। ये सब कफ सिरप मंगाने और बचेने में हुआ है पर अमरजीत का खाता कोई और प्रयोग करता था। उसकी तलाश की जा रही है।

खरोचा गया था बार कोड
जो कफ सिरप अगस्त में बरामद हुआ था। उसका बार कोड खरोचा गया था। जिससे कि पुलिस कफ सिरप बरामद करेे तो कफ सिरप की सप्लाई कहां से हुई है। इस बारे में पता न चल सके। इस कारण पुलिस को कफ सिरप का लिंक तलाशने में समय लगा।
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