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अहरौरा बांध से 63 गांवों में होगी नल के जल की आपूर्ति .

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मिर्जापुर। जमालपुर विकास खंड के 63 गांवों के लोगों को अहरौरा बांध का पानी शोधित करके पिलाया जाएगा। बांध के पानी के शोधन के लिए लतीफपुर में वाटर ट्र्ीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) बनाया जा रहा है। हर घर नल योजना के तहत जलापूर्ति के लिए 248 किमी पाइप लाइन बिछाने के लिए 51 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत है। योजना के तहत प्रस्तावित कार्य मार्च 2023 तक पूरे किए जाने का लक्ष्य है।
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हर घर नल योजना के तहत प्रस्तावित कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसके तहत अहरौरा बांध से पानी लेकर लतीफपुर में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा। यहां से पानी शोधित करके विभिन्न स्थानों पर बनाए जा रहे अलग-अलग क्षमता के ओवरहेड टैंक तक भेजा जाएगा। ओवरहेड टैंक के जरिए पानी लोगों के घरों तक पहुंचाया जाएगा।
अहरौरा नगर के दक्षिणी तरफ स्थित हिनौता ग्राम पंचायत के लतीफपुर बस्ती में ओवरहेड टैंक भी बनाया जा रहा है। ध्वस्त हो चुके पुराने किले के पास स्थित पुरानी सड़क की गहराई ज्यादा होने के कारण वहां इनटेक वेल बनाया जाएगा। यहां अहरौरा बांध का पानी पंप करके पहुंचाया जाएगा। यहां से पानी शोधन के लिए ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जाएगा।
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योजना के तहत जमालपुर विकास खंड के रोशनहर, मदापुर, डकहीं, शेरवा, बिसौरा कला सहित बैरी मोड़ तक 63 गांवों में जलापूर्ति के लिए 11 हजार घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना अगले 30 वर्षों में संभावित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से विभिन्न गांवों तक पानी पहुंचाने के लिए 248 किमीटर पाइप लाइन बिछाई जा रही है। योजना के तहत पांच स्थानों लतीफपुर, कंचनपुर, डोहरी, जफराबाद व चकलठिया में ओवरहेड टैंक भी बनाए जा रहे हैं। प्रस्तावित कार्यों को पूरा करने के लिए 51 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत है। इसके बाद आठ करोड़ रुपये इसके मेंटेनेंस पर खर्च किए जाएंगे। कार्यदायी संस्था योजना का संचालन 10 साल तक करने के बाद सरकार को हस्तांतरित करेगी।
प्रतिदिन शोधित होगा 1.10 करोड़ लीटर पानी
मिर्जापुर। कार्यदायी संस्था के अभियंता दिवाकर ने बताया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में प्रतिदिन एक करोड़ 10 लाख लीटर जल का शोधन कर उसकी आपूर्ति की जाएगी। वन एवं लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया है। योजना के तहत प्रस्तावित कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। कोशिश है कि दिसंबर 2022 तक लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाय।
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