विंध्याचल। बृहस्पतिवार से आरंभ हो रहे शारदीय नवरात्र में श्रद्धालु महाशक्ति स्वरूपा मां विंध्यवासिनी का चरण स्पर्श नहीं कर सकेंगे। नौ दिन तक मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी गई है। इस दौरान हर रोज चार प्रहर की आरती नियत समय पर होगी। वीआईपी दर्शन के लिए प्रोटोकॉल अधिकारी की तैनाती की गई है। एक बार में सिर्फ सात वीआईपी मां के दरबार में प्रवेश कर सकेंगे।
मंदिर की छत पर स्थित कार्यालय में विंध्य पंडा समाज की आम सभा में बुधवार को नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श दर्शन पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि नवरात्र के दौरान 24 घंटे मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श पर रोक रहेगी। इस दौरान देश के कोने-कोने से आने वाले दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। पंडा समाज के सदस्यों को नवरात्र के दौरान अपने पारंपरिक वेश में रहना होगा। पहचान पत्र भी साथ रखना होगा। वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित विधायक रत्नाकर मिश्र ने बताया कि मेला के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सहज दर्शन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। पंडा समाज के मंत्री भानु पाठक का कहना था कि नवरात्र मेला के दौरान किसी भी गैर व्यक्ति को मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहित का काम नहीं करने दिया जाएगा। हर सदस्य का कर्तव्य है कि मेला को निर्विघ्न तरीके से सफल बनाने में सहयोग करे। मंदिर व्यवस्था प्रमुख गुंजन मिश्रा, कोषाध्यक्ष तेजन गिरि, प्रहलाद मिश्रा, रघुवर दयाल, संगम लाल त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।