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Mirzapur News: सर्किट हाउस बनकर तैयार होने की उम्मीद जगी

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मिर्जापुर। जिले में 15 वर्ष पूर्व शुरू हुए सर्किट हाउस का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। हालांकि इसके लिए प्रदेश सरकार की तरफ से 2.96 करोड़ रुपये पुनरीक्षित बजट जारी किए जाने की बात कही जा रही है। इससे सर्किट हाउस का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है। वित्तीय वर्ष 2007-08 में लंका की पहड़ी के पास सर्किट हाउस का निर्माण शुरू किया गया था। लगभग चार करोड़ 58 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
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सर्किट हाउस के निर्माण लिए वर्ष 2007-08 में शासन स्तर से पहली किस्त के रूप में 52 लाख 85 हजार रुपये जारी किए गए थे। इसके बाद वर्ष 2021-11 में चार करोड़ पांच लाख पांच हजार रुपये जारी की गई। शासन स्तर से भेजी गई पूरी धनराशि खर्च की जा चुकी है। प्रस्तावित योजना के तहत सर्किट हाउस में मुख्य भवन, श्रेणी एक के चार, श्रेणी दो के दो आवास के अलावा गैराज, स्टोर रूम, केयर टेकर रूम और चहारदीवारी का निर्माण किया जाना है। आरोप है कि वित्तीय अनियमितता के चलते सर्किट हाउस का काम अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। इसकी एसआईटी से जांच कराई गई थी। वित्तीय अनियमितता के आरोप में उस दौरान तैनात संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र भी जारी किया गया था। इसके बाद निगम मुख्यालय ने कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। वर्तमान में सोनभद्र की कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रही है। हालांकि अब भी स्थिति जस की तस है। उच्च स्तरीय मामला होने के कारण संबंधित अधिकारी भी इस मामले में बोलने से कतरा रहे हैं।
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत ने बताया कि अभी उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उनकी जानकारी में पूर्व की ही स्थिति है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक राममोहन अग्निहोत्री ने बताया कि शासन ने 2.96 करोड़ रुपये पुनरीक्षित बजट स्वीकृत किया है। इसमें 2.34 करोड़ रुपये निर्माण कार्य तथा 62 लाख रुपये विद्युतिकरण के कार्य के लिए स्वीकृत किए गए हैं। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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उधर, बथुआ स्थित राजकीय पालीटेक्निक परिसर में निर्माणाधीन राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज का निर्माण भी अभी तक पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य में देर के चलते कुल 127 करोड़ रुपये की स्वीकृत इस परियोजना की लागत भी लागत बढ़ गई है। इसका निर्माण भी शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। राजकीय पालीटेक्निक काॅलेज के प्रधानाचार्य लवकुश सिंह ने बताया कि इसकी कक्षाएं सोनभद्र स्थित राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज में चल रही हैं।
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