खरीफ सीजन में एक माह के बीच नाम मात्र हुई बारिश के चलते जिले में किसानों के साथ ही अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। बरसात नहीं होने से जहां धान की नर्सरियां सूख रही हैं। वहीं जहां नर्सरियां तैयार हैं वहां पानी के अभाव में रोपाई नहीं हो पा रही है।
जिले में मिर्जापुर नहर प्रखंड, सिंचाई खंड चुनार सहित सिरसी बांध से जुड़े नहरों का जाल बिछा हुआ है। अधिकांश नहरे बंधों पर आश्रित हैं। जुलाई माह में जहां बंधे और बंधियां पानी से लबालब हो जाते रहे वहीं इस बार बंधे और बंधियां भरने को कौन कहे सिंचाई के लिए नाममात्र पानी बचे हुए हैं। जिले के नोडल अधिकारी अधिशासी अभियंता सिरसी बांध प्रखंड ई. रामशंकर राजपूत की मानें तो इस वर्ष 15 जून से 15 जुलाई एक माह के बीच मानसूनकाल में अल्प वर्षा होने के कारण जलाशयों में पर्याप्त मात्रा में पानी संचित नहीं हो सका है। जिसके कारण नहरें पूर्ण क्षमता के साथ नहीं चल पाएंगी। अधिशासी अभियंता ने बताया कि सिरसी जलाशय में 24 दिन, घोरी जलाशय में दो दिन, अदवा एवं सुखरा जलाशय में मात्र नौ दिन का पानी सिंचाई के लिए बचा हुआ है। अधिशासी अभियंता सिरसी ने किसानों से अनुरोध करते हुए जलाशयों में एकत्रित पानी को ध्यान में रखते हुए धान की रोपाई एवं खरीफ की अन्य फसलों की बुआई करें। उन्होने कहा वर्षा होने पर जलाशयों में पर्याप्त मात्रा में जल संचय होने के बाद पूर्ण क्षमता के साथ संचालित की जाएंगी।
अगले तीन दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना नहींमिर्जापुर। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर डीएसटी महामना जलवायु परिवर्तन केंद्र के समन्वयक एवं ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. आर के मल्ल व तकनीकी अधिकारी (युवा मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने संयुक्त रुप से बताया कि आगामी सप्ताह में आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन अगले तीन दिनों तक अच्छी बारिश की कोई संभावना नहीं है। चूंकि बादलों की आवाजाही बनीं रहेगी। इसलिए कही-कही बूंदाबादी और हल्की बारिश हो सकती है। हवा की गति भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।