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Mirzapur News: 44 डिग्री पर पहुंचा पारा, व्यस्त रहने वाले मार्गों पर पसरा सन्नाटा

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जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर के समय नगर के सबसे व्यस्तम मार्ग स्टेशन-कचहरी रोड, सिविल लाइन-जिला अस्पताल मार्ग, वासलीगंज आर्यकन्या रोड और घंटाघर-संगमोहाल रोड पर सन्नाटा सा पसरा रहा।
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भीषण गर्मी व लू को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाए गए हैं, जहां गर्मी से प्रभावित मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है। माैसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले में 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस था। भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अब कक्षा एक से जूनियर हाईस्कूल तक कक्षाएं सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित की जा रही हैं। शिक्षकों के लिए समय दोपहर डेढ़ बजे तक निर्धारित किया गया है। तेज धूप और गर्मी के बीच छुट्टी के समय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं छाता, गमछा और दुपट्टे से सिर ढककर धूप से बचाव करते नजर आए। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर पहुंच रहे हैं। दुकानों पर पांच रुपये पाउच शीतल पानी और मौसमी के दाम 10 से 20 रुपये प्रति किलो बढ़ गया है। दो दिन पहले 50 रुपये किलो बिक रहा मौसमी इन दिनों 60 से 70 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। इसी प्रकार 60 रुपये बिकने वाला नारियल पानी इन दिनों 80 रुपये बेचा जा रहा है।

इनसेट
पिछले पांच दिनों में कुछ इस प्रकार रहा तापमान
दिनांक- अधिकतम न्यूनतम
-20 अप्रैल- 42 23

-21 अप्रैल- 42 25

-22 अप्रैल- 43 23

-23 अप्रैल- 43 25

-24 अप्रैल- 44 24

-तापमान डिग्री सेल्सियस में।

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वर्जन
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आने वाले दिनों में तेज धूप और गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है।रातें गर्म रहने के साथ दिन में आने वाले दिनों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। किसानों को सलाह है कि मौसम के परिवर्तन को ध्यान में रखकर ही खेती-बारी का कार्य करें।
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-शिव मंगल सिंह, मौसम वैज्ञानिक, ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी।

खाली खेत की कराएं गहरी जोताई : डीडीएजी

संवाद न्यूज एजेंसी

मिर्जापुर। अप्रैल माह में गेहूं की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। इस समय किसानों के खेत खाली पड़े हैं। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ ने सलाह दी है कि खेतों की गहरी जोताई कर लें। उन्होने ने बताया कि गर्मी में खेत की गहरी जोताई खरीफ के लिए फायदेमंद है।

उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने बताया कि गर्मी की जोताई से रबी या जायद की फसलों पर लगे हुए हानिकारक कीटों के अंडे या लार्वा, जो दरारों में छिपे होते हैं, मई-जून की तेज धूप से नष्ट हो जाते हैं। इससे खेत कीट-पतंगों से सुरक्षित हो जाता है एवं अगली फसल में कीटों के प्रकोप की संभावना कम हो जाती है। साथ ही साथ खर-पतवार के बीज अधिक गहराई में पहुंच नहीं पाते हैं। उन्होंने कहा कि रबी या खरीफ फसलों में प्रयोग किए गए कीट और खर-पतवार नाशकों का असर जमीन में गहराई तक हो जाता है। गर्मी में जोताई कर देने से खेत में उनका प्रभाव खत्म हो जाता है। और अगले सीजन में पैदवार भी अच्छी होती है।
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