तेज धूप में दोपहर सड़क पर सन्नाटे के बीच स्कूटी से गुजरती महिला।-संवाद।
40 डिग्री पर पहुंचा अधिकतम तापमान, उमस से बेहाल रहे लोग, दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा
मिर्जापुर। मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, लेकिन गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल पा रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। यह 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में मामूली कमी के बावजूद उमस भरी गर्मी ने लोगों को पूरे दिन परेशान किया।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा था। सुबह से ही तेज धूप ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। दोपहर होते-होते नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। घरों के भीतर भी गर्मी और उमस का असर इतना अधिक रहा कि कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हुए। लोग पसीने से तरबतर नजर आए।
गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लिया। शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में लगे शीतल पेय, गन्ने का रस, शिकंजी और नींबू-पानी के ठेलों पर दिनभर भीड़ रही। राहगीर और वाहन चालक गला तर करने के बाद ही आगे बढ़ते नजर आए।
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि बढ़ती गर्मी के कारण नींबू-पानी की मांग में अचानक इजाफा हुआ है। मांग बढ़ने से बाजार में नींबू के दाम भी बढ़ गए हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी कुछ दिनों तक गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है। मानसून की गतिविधियां तेज होने के बाद ही लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। रमईपट्टी निवासी रमेश कुमार ने बताया कि दिन में कुछ देर बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। तेज धूप और उमस के कारण शरीर से लगातार पसीना निकल रहा है। शिकंजी विक्रेता राजेश गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री काफी बढ़ी है। गर्मी से परेशान लोग राहत के लिए नींबू-पानी और अन्य शीतल पेय अधिक खरीद रहे हैं।