सरकार की वादाखिलाफी से नाराज कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। धरना प्रदर्शन के चलते कार्यालयों में तालाबंदी रहा। कार्यालयों में कर्मचारी नहीं होने के कारण काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ। सभा का संचालन करते हुए लल्लू तिवारी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, सरकार कर्मचारी विरोधी है। देर रात कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले लिया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में वेतन विसंगतियों को लेकर कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विनोद तिवारी ने कहा कि परिषद की जिन मांगों पर शासन स्तर पर सहमति बन गई है, तत्काल सरकार शासनादेश जारी करें।
वहीं हड़ताल को सफल बनाने के लिए गठित मार्शल टीमें गुरुवार को भी कार्यालयों में पहुंची। जिला मंत्री विनोद कुमार तिवारी के नेतृत्व में मार्शल टीमों ने भ्रमण किया। मार्शल टीम के सदस्यों ने कर्मचारियों से महा हड़ताल में शामिल होकर सफल बनाने का अनुरोध किया, जिसके चलते कार्यालयों पर लगभग पूर्ण तालाबंदी रही। भ्रमण के दौरान कमलेश्वर दूबे, बब्बे मिश्र, राजेंद्र यादव, राकेश तिवारी, महेंद्र नाथ आदि मौजूद रहे। मंडलीय सचिव राधेश्याम पांडेय ने राज्य कर्मचारियों की एकता पर बल दिया।
विनोद कुमार सिंह ने सातवें वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बचन पांडेय ने कहा कि छठवें वेतन आयोग की विसंगतियां तो दूर नहीं हुई सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को कर्मचारियों पर थोपा जा रहा है। हौसिला तिवारी ने कहा कि कर्मचारी अपने हक के लिए एकजुट होकर लड़ाई में भाग लें। संजय पांडेय ने कहा कि कैशलेस सुविधा, मकान किराया भत्ता को डीए से जोड़ा जाए। विनय श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों को मोटर साइकल भत्ता दिया जाए। इस दौरान पवन तिवारी, कमलेश्वर दूबे, महेंद्रनाथ, राकेश तिवारी, शैल यादव, पन्ना लाल, सुरेंद्र त्रिपाठी, बृजभूषण सिंह आदि शामिल रहे।
मड़िहानः तहसील और ब्लॉक सहित अन्य कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। जिसके चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
धरने में राम मूरत, शिव कुमार चौबे, राम आसरे, हरिश चंद्र, महेंद्र कुमार, प्रकाश चंद्र दूबे, सुरेंद्र कुमार, राम प्रसाद, सल्लूराम, उदयकांत चौबे, रामकृष्ण, हरिप्रसाद, मातादान तिवारी, श्यामधर आदि मौजूद रहे।