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पहाड़ावाली के जयघोष से गूंजा धाम

Wed, 21 Oct 2015 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
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शारदीय नवरात्र के सप्तमी एवं अष्टमी तिथि पर मां विंध्यवासिनी देवी के भव्य स्वरूप का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। विंध्यधाम पहुंचे आस्थावान माता भगवती की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे।
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घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा एवं पहाड़ावाली के जयघोष से विंध्यधाम गुंजायमान हो रहा था। क्या छोटे, क्या बड़े सभी भक्तजन कतार में खड़े होकर मां का जयकारा लगाते हुए विंध्याचल मंदिर की तरफ बढ़े जा रहे थे।

मंगलवार की भोर से ही जगत कल्याणी के पावन दरबार में पहुंचे भक्तों ने बड़े ही श्रद्धाभाव पूर्वक शीश नवा कर माता का पूजन अर्चन किया। गांव गिरांव,  शहर, कस्बे से पहुंचने वालों का तांता लगा रहा।
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गंगा में डुबकी लगाने के बाद माला-फूल, नारियल-चुनरी और प्रसाद लिए श्रद्धालु विंध्य दरबार पहुंचे, जहां मां विंध्यवासिनी का फूलों से किया गया दिव्य श्रृंगार का दर्शन कर निहाल हो उठे।

घंटों कतार में खड़े होने के बाद मंदिर पहुंचने के बाद अधिकांश लोगों ने भीड़ अधिक होने के कारण मां का झांकी से दीदार किया तो कई लोगों ने गर्भगृह में पहुंच कर माता के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि के लिए कामना की।

 विंध्याचल मंदिर में निरंतर बज रहे घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़े के साथ ही माता के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा था। मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूूजन करने के बाद भक्तों ने मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर विधि-विधान पूर्वक दर्शन-पूजन किया।

 हवन-कुंड में सुबह से लेकर देर रात तक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां डालने का क्रम निरंतर चलता रहा। मंदिर के छत पर गुंबद के समीप महिला-पुरुष भक्तजन बड़ी तल्लीनता से साधना करने में जुटे रहे, वहीं छत पर पूजन-अनुष्ठान एवं मुंडन संस्कार का भी दौर निरंतर चलता रहा।
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तरह-तरह के फूलों सहित बिजली के रंग-बिरंगे झालरों से मंदिर की सजावट एक अलौकिक छटा बिखेर रही थी।

 माता का दर्शन-पूजन करने के बाद भक्तजनों ने विंध्य की गलियों में भ्रमण कर अपनी-अपनी जरूरत की वस्तुओं की जम कर खरीददारी भी की। 

पुलिस और पीएसी बल के साथ ही श्री विंध्य पंडा समाज के लोग भी व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
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