विंध्याचल मंदिर परिसर में कलर करते श्रमिक।
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मिर्जापुर। नवरात्र मेला को ध्यान में रखते हुए हाल ही में शास्त्री ब्रिज से विंध्याचल मंदिर तक बनाई गई सड़क एक बार फिर उखड़ गई। इतना ही नहीं मार्ग में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पहले तो दर्शनार्थियों का सामना केवल गड्ढों से होता था पर अब तो उधड़ी सड़क की गिट्टियां दो पहिया चालकों और पैदल जाने वाले दर्शनार्थियों के लिए समस्या बन गई हैं। ऐसे में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं विभाग गुणवत्ता व समस्या के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मां विंध्यवासिनी धाम जाने के लिए शास्त्री पुल के नीचे से होकर विंध्याचल जाने वाला मार्ग प्रमुख है। सड़क मार्ग से विंध्याचल जाने वाले लोग इसी मार्ग से होकर जाते हैं। पूर्वांचल के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले लोग इस मार्ग से होकर विंध्याचल मंदिर जाते हैं। यह मार्ग पहले ही खस्ताहाल था। बाद में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया। जिससे निकला मलबा व हुए गड्ढे कोढ़ में खाज साबित हुए। इसके अलावा भी इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे थे। नवरात्र मेला तैयारी के क्रम में इस मार्ग के निर्माण का निर्देश दिया गया। कुछ दिन पूर्व गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने मार्ग का निर्माण कराया। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क पर गड्ढों पर पैचिंग कर रही है। निर्माण के कुछ दिन बाद ही सड़क की गिट्टी बिखरने लगी है। वैसे तो पूरे मार्ग पर गिट्टी बिखर गई है, पर विंध्याचल कंतित, लाल भैरो, लोहिया तालाब, शास्त्री पुल के पास सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क उधड़ने से निकली गिट्टी से दो पहिया वाहनों के फिसलने का डर बना रह रहा है। इससे समझा जा सकता है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। खराब सड़क के चलते नवरात्र के समय आने वाले श्रद्धालुओं को समस्या का सामना करना पड़ेगा।