मिर्जापुर। जिले में कोविड- 19 के लिए किए कार्यों की शनिवार को जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अच्छी व्यवस्था के लिए जिले को स्कॉच अवार्ड मिल चुका है। अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण जिले में मरीजों की रिकवरी दर 78 प्रतिशत है।
डीएम ने बताया कि कोविड का पहला मरीज चार अप्रैल, 2020 को मिला। उस समय 30 बेड का एल-1 कोविड अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, विन्ध्याचल में क्रियाशील था। तत्पश्चात मरीजों की संख्या वृद्धि के साथ 150 बेड का एल-1 एटैच कोविड चिकित्सालय सैंफोर्ड स्कूल बसही में प्रारंभ किया गया। वर्तमान में आश्रम पद्धति विद्यालय परसिया में 150 बेड का कोविड एल-1 एटैच चिकित्सालय क्रियाशील है। आवश्यकता पड़ने पर इसे 330 बेड के अलावा 1000 बेड की क्षमता वाला अस्पताल तीन दिन में क्रियाशील किया जा सकता है। जिले में कोविड मरीजों की रिकवरी दर 78 प्रतिशत है। इसके साथ ही गंभीर रोगियों के इलाज के लिए मंडलीय चिकित्सालय ट्रामा सेंटर 50 बेड का एल-1 चिकित्सालय क्रियाशील है जिसमें 10 आईसीयू बेड वेंटीलेटर युक्त हैं। अबतक एल-1 चिकित्सालय में 76 रोगियों को भर्ती किया जा चुका है। जिनमें से 51 मरीज स्वस्थ हो कर अपने घरों को जा चुके हैं। एल-1 चिकित्सालय बेडों की संख्या जल्द ही 100 बेड से अधिक हो जाएगी। मंडलीय चिकित्सालय में ट्रूू-नाट मशीन एवं अत्याधुनिक बीएसएल टू-लैब स्थापित है, जिसमें प्रतिदिन लगभग क्रमश: 20 सैंपल तथा 75 सैंपल की जांच की जा रही है। शनिवार तक कुल 48 से ज्यादा की जांच हो चुकी है। प्रतिदिन लगभग 1600 सैंपल लिये जा रहे। जनपद में 03 मोबाइल यूनिटों द्वारा सैंपल लिया जाता है तथा सभी 12 पीएचसी पर सैम्पल लिया जा रहा है।