राजगढ़। मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार की दोपहर दुल्हन सज धज कर दूल्हे का इंतजार करती रह गई, पर घंटो बीतने के बाद भी बारात नहीं आई। लड़की के पिता ने फोन कर जानकारी ली तो पता चला कि दहेज के लिए बारात नहीं आई। बारात न आने से पूरी तैयारी धरी की धरी रह गई। दहेज के कारण बारात न आने पर लड़की के पिता ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने अपनी लड़की की शादी सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी लड़के से किया। शादी से पूर्व गोद भराई, सगाई की रस्म गरदा बाबा शिव मंदिर पर हुई। इसके बाद दोनों पक्षों ने शादी की तारीख तय की। 12 मार्च को दिन में शादी होनी थी। लड़की पक्ष ने अपने रिश्तेदारों को शादी पर आमंत्रित कर लिया। बुधवार की सुबह से लड़की के घर पर शादी की तैयारी चल रही थी। दोपहर में बारात आनी थी तो लड़की भी सज-धज कर दूल्हे का इंतजार कर रही थी, पर घंटो बीतने के बाद जब बारात नहीं पहुंची तो लड़की के पिता ने लड़के के पिता को फोन कर बारात न आने का कारण पूछा। लड़के के पिता ने बताया कि दहेज में नगद व बाइक न मिलने के कारण लड़के ने शादी से इंकार कर दिया। दहेज के कारण बारात न आने की जानकारी होते ही लड़की पक्ष में सभी परेशान हो गए। दुल्हन व उसके परिवार में रोना धोना मच गया। इसके बाद लड़की के पिता ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि दहेज के लिए बारात न लाकर लड़का पक्ष ने अपमानित किया है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। पुलिस ने लड़के के पिता से बात करने की कोशिश की तो उसने बात करने से मना कर दिया। थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया की लड़की के पिता ने दहेज में एक लाख नगद व बाइक न पहुंचने के कारण बारात न लाने की तहरीर दी है। दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया गया है। पूरी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।