सीएससी विंध्याचल पर सुबह 10 पर 23 पर तक भी नहीं आए अधीक्षक कक्ष की कुर्सी खाली फोटो संवाद
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मिर्जापुर। सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के आने-जाने का समय निर्धारित है पर वह समय से नहीं आते हैं। बात चाहे मंडलीय अस्पताल की हो या महिला अस्पताल की। सुबह आठ बजे से ओपीडी शुरू होने का समय है।
मरीज सुबह सात बजे से ही अस्पताल में आ जाते हैं। पर्चा कटाने के बाद वह डॉक्टर के कमरे के बाहर बैठकर दो से तीन घंटे इंतजार करते हैं। ड्यूटी के दौरान भी डॉक्टर दूसरे कमरों में बैठकर समय व्यतीत करते हैं। इस बीच अगर मरीज उनके पास आ गए तो वे भड़क जाते हैं।
सोमवार को अमर उजाला की टीम ने जिले के दस सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की तो पता चला कि अस्पताल में डॉक्टर समय से नहीं आते हैं।
जिला महिला अस्पताल में ओपीडी में 10 बजे के पहले नहीं आती हैं डॉक्टर : जिला महिला अस्पताल में कोई भी डॉक्टर 10 बजे के पहले नहीं आती हैं। कमरा नंबर सात, 10 और 11 में ओपीडी के सभी कमरे सुबह नौ बजे खुले। कर्मचारी कमरों में बैठे थे। मरीज पर्चा जमा करके डॉक्टर के इंतजार में बैठे थे।
चेचरी मोड़ सीएचसी पर केंद्र अधीक्षक व पांच अन्य चिकित्सक समय से 10 बजे ओपीडी कक्ष में बैठ गए थे। कक्ष संख्या दो में व नेत्र चिकित्सक कक्ष में सुबह साढ़े 10 बजे तक ओपीडी शुरू नहीं हुई थी। नेत्र परीक्षण कराने गई चतुर्भुजपुर गांव की राधिका देवी ने बताया कि काउंटर से पर्ची बनवाकर सुबह 10 बजे से ही डॉक्टर के आने की प्रतीक्षा कर रही हूं।