मिर्जापुर। दीपावली पर्व पर जमकर हुई आतिशबाजी के दौरान लो पटाखों की चिंगारी से झुलसे ही। साथ ही इन पटाखों से हुई प्रदूषण के चलते श्वास, दमा और एलर्जी के मरीजों की भी संख्या बढ़ गई। दीपावली वाली रात को अस्पताल में पटाखों से झुलसे मरीज और श्वास की समस्या वाले मरीज अधिक रहे। गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया।
दीपावली के दिन नगर में जमकर आतिशबाजी हुई। शाम को छह बजे के बाद रात दो बजे तक शहर की सड़काें को पटाखों की आवाज के साथ धुंआ ही धुंआ हो गया था। शाम को सात बजे के बाद मंडलीय अस्पताल परिसर स्थित ट्रामा सेंटर में पटाखें के चिंगारी आदि से जलने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। रात भर में 25 से अधिक लोग पटाखों की चिंगारी आदि से जलकर आए। जिनका इलाज किया गया। पटाखों का धुंआ श्वास, अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए खतरनाक होता है। दीपावली पर रविवार को रात नौ बजे के बाद श्वास रोगियों की संख्या बढ़ गई। मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी में श्वास रोग से पीड़ित बच्चे, बुढ़े, महिला हर उम्र के लोग आए। जिनका उपचार किया गया। श्वास रोगियों की संख्या अभी भी बढ़ रही है। गंभीर मरीजों को सीसीयू में भर्ती किया गया। एसआईसी डा. तरुण सिंह ने बताया कि दीपावली पर जले और श्वास रोगियों की संख्या बढ़ी है। इमरजेंसी में रात को इससे पीड़ित मरीज अधिक आए।