अहरौरा। पालिकाध्यक्ष अहरौरा ने पट्टीकला स्थित कोटे की निलंबित चल रही दुकान के बहाली में पांच लाख रुपये सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाया है। पालिका कार्यालय से मुख्यमंत्री,उर्जा एवं अतिरिक्त उर्जा स्त्रोत राज्य मंत्री रमाशंकर पटेल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद अनुप्रिया पटेल के अतिरिक्त मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी को भेजे गए शिकायती प्रार्थना पत्र भेजा है। इसमें कोटेदार पर घटतौली, निर्धारित युनिट से कम मात्रा मे खाद्यान्न वितरित करने व लाभार्थियों द्वारा विरोध करने पर राशन कार्ड से नाम निरस्त कराने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए अपने स्तर से जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर दुकान निरस्त कराने की मांग की गई हैं।
पालिका कार्यालय द्वारा जारी शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि अप्रैल में कोविड-19 संक्रमण के दौरान मुहाल पट्टी कला में सुग्गी देवी के नाम से कोटे की दुकान संचालित रही है। जिस पर लाभार्थियों को निर्धारित यूनिट से कम मात्रा में खाद्यान्न आपूर्ति करने, घटतौली व विरोध करने पर लाभार्थियों को जारी राशन कार्ड निरस्त करवा देने की धमकी का आरोप लगा तो पालिका द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी माता प्रसाद सिंह से प्रकरण की जांच कराई गई। शिकायतों के आधार पर खाद्य एवं रसद अधिकारी काशीनाथ व रविन्द्र यादव पूर्ति निरीक्षक चुनार द्वारा लगभग 500 कार्ड धारकों व 23 सभासदो का बयान दर्ज किया गया।
आरोप के बाबत जारी कारण बताओ नोटिस के बाद हुई कार्रवाई में कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया। प्रकरण मे जांच की अवधि में कोटे की दुकान को दुसरे विक्रेता से संबंद्ध कर दिया गया। पालिकाध्यक्ष गुलाब मौर्या ने पत्र भेजकर जांच के दौरान जुलाई माह में निलंबित कोटेदार से पांच लाख रुपये लेकर पुन: बहाल कर देने का आरोप लगाया है। पत्र में इस कृत्य से सरकार की छवि खराब होने व प्रकरण को लेकर मुहाल वासियों मे रोष उत्पन्न होने सहित कोटेदार के खिलाफ प्रदर्शन की धमकी भी दी गई है। पालिकाध्यक्ष गुलाब मौर्या ने कहाकि एसडीएम चुनार ने प्रकरण की जांच की तो आरोप में प्रथम दृष्टतया सत्यता मिली है। लाभार्थियों को दो से तीन यूनिट कम खाद्यान्न दिया जाता रहा है। निष्पक्ष जांच कराकर कोटे की दुकान निरस्त किया जाना ही उचित है।