मिर्जापुर। तापमान में उतार-चढ़ाव और पश्चिमी विच्छोभ के कारण मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है। मिर्जापुर और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ बूंदाबादी हो सकती है। हवा की गति भी सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञोंं किसानों को अभी फसलों की सिंचाई न करने की सलाह दी है।
जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस था। इस तरह अधिकतम छह और न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोत्तरी हुई। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण फिर से मौसम बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। इसके पहले रविवार को भी बूंदाबादी हुई थी और दिनभर बदल छाए हुए थे। पश्चिमी विच्छोभ के चलते फिर से मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया गरज-चमक के साथ बूंदाबादी हो सकती है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग, बीएचयू, वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक शिवमंगल सिंह ने बताया तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण तेजी से मौसम बदल रहा है। मिर्जापुर और आस-पास के जिलों गरज-चमक के साथ बूंदाबादी हो सकती है। हवा की गति भी सामान्य से अधिक हो सकती है। ऐसे में किसान अभी सिंचाई न करें, अन्यथा फसलें गिर सकती हैं।
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बारिश हुई तो फसलों को होगा नुकसान
इस समय खेतों फसलें लगभग तैयार हो गई हैं। इसलिए बारिश हुई तो फसलों को नुकसान हो सकता है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने कहा गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों की अगैती फसलें खेतों में पककर तैयार हैंं। कई स्थानों पर कटाई और मड़ाई का काम चल रहा है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो फसलों को नुकसान होगा।