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यूपीः खुद को जिंदा साबित करने की जंग लड़ रहे भूस्वामी का लिया गया डीएनए सैंपल, सीएम ने लिया था संज्ञान

Sun, 24 Jan 2021 12:30 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
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भोलानाथ - फोटो : अमर उजाला
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15 साल से खुद को कागजों पर जीवित करने के लिए संघर्षरत भोला उर्फ श्याम नरायण का डीएनए जांच के लिए शनिवार को सैंपल लिया गया। सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंचे भोला को सैंपल देने के लिए चार घंटे इंतजार कराया गया। सैंपल लेने के बाद उसे सील कर जांच के लिए भेजा गया। जिस भाई राज नारायण पर भोला की पहचान मिटाने का आरोप है, वह जांच के लिए नहीं पहुंचा।

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देहात कोतवाली क्षेत्र के अमोई गांव निवासी भोला उर्फ श्याम नरायण सिंह पिछले 15 साल से खुद को कागजों में जीवित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब मामले का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया तब  जिले के अधिकारियों ने तेजी दिखाई। मामले में भोला ने अपने भाई के खिलाफ शहर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।

मामले में चार्जशीट भी लगी थी, पर प्रशासन फिलहाल भोला को श्याम नरायण मानने को तैयार नहीं है। इसके लिए प्रशासन ने डीएनए जांच कराने का फैसला लिया। डीएम के आदेश के बाद भी डीएनए जांच के लिए पांच दिन लग गए। शनिवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर लेखपाल सच्चिदानंद, भोला को लेकर मंडलीय अस्पताल एसआईसी कक्ष पहुंचे। वहां मामला उलझ गया।
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एसआईसी ने ब्लड का सैंपल लेने से इसलिए रोक दिया क्योंकि यह स्पष्ट नहीं था कि सैंपल लेने के बाद उसे देना किसको है। इस बारे में कोई आदेश नहीं आया था। आखिरकार डीएम प्रवीण कुुमार लक्षकर के निर्देश पर सीएमओ मंडलीय अस्पताल पहुंचे। फार्म भरवाया, बयान लिया, तब जाकर सुबह से इंतजार कर रहे भोला के रक्त का सैंपल लिया गया। इसे सील कर सीएमओ साथ ले गए। 
 

डीएनए जांच के लिए भोला उर्फ श्याम नरायण का सैंपल लिया गया है। इसे सील कर रखा गया है। उसके भाई राज नरायण का सैंपल लेने के बाद उसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
डा. पीडी गुप्ता, सीएमओ। 

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