लालगंज। छानबे विधानसभा सीट पर उपचुनाव तिथि घोषित होने के बाद राज्य विश्वविद्यालय का मुद्दा चुनावी सरगर्मी जोर पकड़ेगा क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि विधानसभा के साथ भेदभाव किया गया है।लालगंज तहसील क्षेत्र के नैड़ी गांव फोरलेन सड़क के बगल में जमीन देने के बाद भी दांतीं की जमीन चिह्नित किया गया। उसके पास पड़ोस में बनारस और राजीव गांधी दक्षिणी परिसर स्थित है। इस विधानसभा में राज्य विश्वविद्यालय की मांग पिछले 30 वर्षों से की जा रही थी। जिसके लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दिवंगत डॉ राम खेलावन मौर्य ने पत्र के माध्यम से सरकार को भेजा था। वर्तमान समय में इस विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक, तहसील, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व अन्य सरकारी संस्थाएं स्थापित हैं। वही जिले का पहला गवर्नमेंट राजकीय पीजी कॉलेज विज्ञान भवन के लिए तरस रहा है। मतदाताओं का कहना है कि ऐसी स्थिति में सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में राज्य विश्वविद्यालय की मांग होने के बाद भी उनकी उपेक्षा की गई है। आरोप यह लगाया जा रहा है कि सिटी को मेडिकल कॉलेज, चुनार को पर्यटन के साथ बीएचयू के बगल में स्थित होने का लाभ और मड़िहान को बीचयू दक्षिणी परिसर इसके साथ दांती में राज्य विश्वविद्यालय की संस्तुति एक तरफा भेदभाव मध्य प्रदेश बॉर्डर की तहसील और विधानसभा के साथ किया जा रहा है। ग्रामीणों की यह मांग उपचुनाव में जोर शोर से मुद्दा उठाने की चर्चा हो रही है। संभावित प्रत्याशी राज्य विश्वविद्यालय का मुद्दा चुनावी एजेंडे में लाना चाह रहे हैं।