कछवां। कछवां क्रिश्चियन अस्पताल में 11 माह के मासूम की मौत के बाद पैसा न होने पर शव रोके जाने के मामले में अस्पताल प्रशासन ने रात में उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद बकाया धन माफ कर शव को परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को मामले की जानकारी होने पर अस्पताल प्रशासन से बात कर अमर उजाला ने मासूम की मौत, पैसा न देने पर शव को रोका खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जौनपुर जिले का मूल निवासी शिवओम पिछले तीन वर्ष से कछवां थाना थाना क्षेत्र के केवटावीर में रह कर इलेक्ट्रानिक का काम करता है। आठ दिन पूर्व उसके 11 माह के पुत्र की तबीयत खराब हो गई। उसेकछवां क्रिश्चियन अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार की दोपहर के समय उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई। मां ने बताया कि अस्पताल में आठ हजार रुपये जमा कराए थे। पुत्र की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने 59 हजार का बिल दिया। पैसा न होने पर अस्पताल प्रशासन ने शव देने से इंकार कर दिया। मामले की जानकारी होने पर अस्पताल प्रशासन से बात की गई तो मैनेजर शंकर ने बताया कि अस्पताल में गरीबों का इलाज होता है। शव नहीं रोका गया था। बालक का पिता शराब के नशे में विवाद करने लगा था। इस वजह से देरी हुई। 51 हजार रुपये माफ कर शव दे दिया गया। इसके अलावा भी शुक्रवार को एक एक प्रवासी मरीज जिसको सर्प ने डस लिया था, उसका 28 हजार रुपये माफ किया गया।