पटेहरा। ब्लॉक के हरदी बहुती में सोमवार को आयोजित आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा के 32वें पड़ाव पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए सदगुरुदेव आश्रम, मथुरा के संत पंकज महाराज ने गृहस्थाश्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। गृहस्थाश्रम को सभी आश्रमों में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि व्यक्ति को ईमानदारी से मेहनत कर जीविका चलानी चाहिए और साथ ही प्रभु भक्ति के लिए भी समय निकालना चाहिए।
उन्होंने श्रद्धालुओं को उनके मूल उद्देश्य की याद दिलाते हुए कहा कि जन्म से पूर्व हर जीव ने ईश्वर का भजन करने का संकल्प लिया था। लेकिन सांसारिक मोह-माया और संपत्ति बटोरने की होड़ में इंसान वादे को भूल जाता है। सचेत किया कि जीवन के अंतिम क्षणों में जब मौत का कष्ट सामने होता है, तब केवल सच्चे सदगुरु ही जीव के सच्चे मददगार बनते हैं। सत्संग के दौरान उन्होंने नामयोग साधना और सुमिरन पर बल दिया। बताया कि मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य नामयोग साधना, सुमिरन, ध्यान और भजन करना है। इस अवसर पर घूरन प्रसाद, मोतीलाल सिंह, संतोष, राममूरत सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।