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परिवार ने नहीं कराया मासूम का पोस्टमार्टम, कर दिया अंतिम संस्कार

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अहरौरा। मानिकपुर गांव में मंगलवार को पुआल में जलकर दम तोड़ चुके मासूम का पोस्टमार्टम कराने से परिजनों ने इंकार कर दिया। इसपर पुलिस ने मासूम के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही परिजनों को सौंप दिया। औपचारिकता के बाद मंगलवार की देर शाम नम आंखों से अंकुश के शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे राजस्व कर्मियों ने मुआवजा की धनराशि मिलने की बात बताई।
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बता दें कि मानिकपुर गांव से सटे प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित सिवान के खलिहान में चंदा देवी अपने दो मासूम बच्चों पांच वर्षीय अमित व चार वर्षीय अंकुश को साथ में लेकर धान की मड़ाई करने गई थी। दोनों मासूम बच्चे खेत की पुआल पर खेल रहे थे। तभी अचानक पुआल में आग लग गई। दोनों बच्चे आग से घिर गए। धान की मड़ाई कर रही मां ने जब यह देखा तो उसने बच्चों को बचाने का प्रयास किया, पर आग की लपटों से घिरा अंकुश गंभीर रूप से झुलस गया। बच्चों को बचाने के प्रयास में मां चंदा देवी भी झुलस गई। मां ने झुलसी हालत में ही किसी तरह अंकुश और अमित को बाहर निकाला। लेकिन अंकुश की मौत हो चुकी थी।
कलेजे के टुकड़े को खोकर मां चंदा देवी इस कदर सदमे में हैं कि उन्होंने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद मिलने वाले मुआवजे की राशि को लेकिन लेखपाल ने मौके पर समझाने की हर संभव कोशिश की परंतु मां की ममता के आगे अंतत: लौटना पड़ा। पुआल की आग की लपटों में झुलस कर दम तोड़ चुके अंकुश के शरीर पर पोस्टमार्टम का जख्म देने और चिर फाड़ कराने को परिजन तैयार नहीं हुए। देर शाम गंगा में मासूम अंकुश के शव को प्रवाहित कर दिया गया।
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झुलसे भाई ने पूछा मां कहां है अंकुश
अहरौरा। वाराणसी के ट्रामा सेंटर से इलाज करा कर लौट चुकी मां चंदा देवी के साथ उनका मझला बेटा अमित अपने जख्मों का परवाह किए बिना अपने छोटे भाई को इधर-उधर ढूंढ रहा है। मां से पूछ रहा है कि अंकुश को क्या हुआ, वो कहां है मां।
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