नगर के बूढ़ेनाथ मोहल्ले में स्थित प्राचीन बाबा बूढ़ेनाथ का मंदिर बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया। जिला प्रशासन पर उपेक्षात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए मंदिर के महंत डॉ.योगानंद गिरि अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि बाबा के कुंड में नाले का गंदा पानी भर जाता है। इसके विरोध में यह निर्णय लिया गया है।
अनशन पर बैठे मंदिर के महंत डॉ योगानंद गिरि ने कहा कि बाबा का विग्रह मंदिर के बाहर सड़क पर रखकर पूजा अर्चना की जा रही है। बाबा के कुंड में नाला का मल मूत्र युक्त गंदा पानी भर जाने के कारण कपाट बंद करने का निर्णय लिया गया है। पांच साल से समस्या का समाधान करने का केवल आश्वासन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने 24 घंटे की मोहलत मांगी है। इसके बाद आमरण अनशन शुरू किया जायेगा। बुधवार की रात हुई बारिश के बीच बाबा का कुंड गंदे जल से भर गया। श्रद्धालु यह देख बेबस नजर आए। उन्होंने व्यवस्था को कोसते हुए मल मूत्र से भरे गंदा जल को साफ किया। महंत योगानंद गिरी ने बताया कि कई बार जिला प्रशासन से इस समस्या के समाधान का अनुरोध किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर, मंदिर का कपाट बंद होने की सूचना पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल ने महंत डॉ. योगानंद गिरि से वार्ता की। कहा कि हम सबकी आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने 24 घंटे की मोहलत मांगी। उनके आश्वासन पर आमरण अनशन को सांकेतिक प्रदर्शन में तब्दील कर दिया गया। एडीएम ने कहा कि नगर पालिका परिषद व गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को समस्या के समाधान के लिए कहा गया है। नगर पालिका ने तो काम शुरू भी कर दिया है।