जिला कारागार में सोमवार की देर रात दो बंदियाें की बीमारी के चलते मौत हो गई। दोनों कुछ दिन पहले ही कारागार में आए थे।
एक साथ दो बंदियाें के मौत की खबर लगते ही जेल कर्मियाें के हाथपांव फूलने लगे। मौके पर पहुंचे दोनाें बंदियाें के परिवारवालाें ने इसके लिए जेल प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जेल प्रशासन से जुड़े अधिकारियाें पर कार्रवाई की मांग की है।
सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र के परवल बसकटवा गांव निवासी सुरेश उपाध्याय (45) को दस दिन पूर्व डेढ़ किलो गांजा ले जाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सोमवार की शाम उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वह कोमा में चला गया। जेल अधिकारियाें ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।
वहां रात दस बजे सुरेश ने दम तोड़ दिया। इसी क्रम में लालगंज निवासी भैरो सिंह (30) को लालगंज पुलिस ने न्यायालय द्वारा वारंट जारी करने पर 25 मई की दोपहर जेल भेजा था। रात करीब दस बजे भैरौ की भी तबीयत अचानक खराब हो गई।
बंदियाें ने इसकी सूचना बंदी रक्षकाें को दी। उसे भी जेल कर्मी मंगलवार की सुबह करीब साढे़ पांच बजे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी होते ही दोनों के परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
उनका कहना था कि अभी दो दिन पूर्व ही वे बंदी से मिलकर गए aथे, तब तो उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। फिर अचानक ऐसा क्या हो गया जिससे उनकी मौत हो गई।