मिर्जापुर। पड़री थाना क्षेत्र में आठ साल पहले नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने दोषी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है।
पड़री थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 24 जून 2026 को तहरीर देकर बताया कि एक युवक उसकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर शादी की बात कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। तीन-चार माह का गर्भ हो गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया। विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक सनातन कुमार ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहाें को न्यायालय में प्रस्तुत कराया। पत्रावली उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने दोषी अर्जुन माली को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।