मिर्जापुर। बाल श्रम कराने, लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर दुर्घटना करने और आबकारी अधिनियम के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अर्थदंड लगाया है।
लालगंज थाने में बाल व किशोर श्रम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार त्रिपाठी द्वारा आरोपी सुमंत निवासी बरौधा को दोषी ठहराते हुए 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह के कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसी तरह से जिगना थाने में लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर दुर्घटना करने का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायालय सिविल जज अंजुम सैफी ने आरोपी अरुण कुमार शुक्ला निवासी अकोढ़ी थाना विंध्याचल को दोषी ठहराते हुए 2500 रुपे के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर सात दिन के कारावास की सजा भुगतनी होगी। जमालपुर थाने में आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में पुलिस ने गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायालय अपर सिविल जज प्रियंबदा लाल ने आरोपी सूरज प्रसाद निवासी लठिया सहजनी को दोषी ठहराते हुए 3000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर 10 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।