गेहूं खरीद में क्रय केंद्र प्रभारी अब मनमानी नहीं कर सकेंगे। किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए प्रतिदिन होने वाली गेहूं खरीद का विवरण क्रय केंद्र प्रभारियों को एसएमएस के माध्यम से जिला खाद्य विपणन अधिकारी को मैसेज से भेजना होगा। जिससे क्रय प्रभारियों द्वारा किए जाने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। साथ ही क्रय केंद्रों पर व्यापारियों द्वारा गेहूं बेचने पर भी अंकुश लग सकेगा।
किसानों से गेहूं क्र्रय के लिए शासन द्वारा जिलों में क्रय केंद्र खोले गए हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी से किसानों से गेहूं क्रय निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नहीं हो पाती है। वहीं क्रय केंद्र द्वारा कागजों पर ही क्रय की बाजीगरी होती है।
प्रमुख सचिव खाद्य व आयुक्त द्वारा सभी संभागीय खाद्य नियंत्रक और जिला विपणन अधिकारी को गेहूं खरीद का विवरण एसएमएस के माध्यम से प्रतिदिन मंगाने का निर्देश दिया है।
खाद्यायुक्त ने निर्देश दिया है कि जिला प्रबंधक द्वारा एनआईसी में एनआईसी में क्रय केंद्र प्रभारी का मोबाइल नंबर फीड कराया जाए। जिससे ही वह प्रतिदिन एसएमएस के माध्यम से गेहूं खरीद की सूचना देंगे। एसएमएस के माध्यम से मिलने वाली सूचना को शासन को भेजा जाएगा।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला ने बताया कि क्रय केंद्र प्रभारी ईजीओवी के आगे पी, बी, डी, सी लिख कर मैसेज करेंगे। उन्होंने बताया कि पी के आगे उस दिन की दैनिक खरीद कुंतल में, बी के आगे उस दिन सांय बोरों का केंद्र पर बचा हुआ स्टाक, डी के आगे उस दिन भंडारण हेतु भेजे गए गेहूं की मात्रा और सी के आगे उस दिन सांय केंद्र के गेहूं खरीद खाते में बची हुई धनराशि को अंकित करेंगे।
उन्होंने कहा कि सभी क्रय केेंद्र प्रभारी नियमित रूप से गेंहू खरीद का विवरण एसएमएस के माध्यम से भेजें, जिससे शासन को सूचना भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि एसएमएस से सूचना नहीं भेजने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।