पड़री /मिर्जापुर। चुनार से लेकर वाराणसी आने-जाने के लिए आमघाट रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का काम पूरा हो गया है। हालांंकि अभी तक पुल पर सड़क नहीं बन सकी है। इसलिए पुल से आवागमन शुरू नहीं हो सका है। वहीं सेतु निगम का कहना है कि ठंड के चलते अभी सड़क बनाने काम शुरू नहीं हो सका है। मौसम साफ होते ही सड़क बनाने के साथ एप्रोच मार्ग का बचा काम खत्म कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि 15 फरवरी से आमघाट ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू हो सकेगा। मिर्जापुर-चुनार मार्ग पर पड़ने वाले आमघाट रेलवे क्राॅसिंग अक्सर बंद रहने से लोग घंटों जाम से जूझते हैं। लंबे समय बाद क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की मांग पूरी हुई। अप्रैल 2024 में ही बजट मिलने के बाद 62.45 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनना शुरू हुआ। पुल की लंबाई 900 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर है। अब रेलवे और सेतु निगम द्वारा निर्माण पूरा कर लिया गया है। हालांकि अभी आवागमन की अनुमति नहीं है। क्षेत्र के लोगोंं को अभी भी 10 से 12 किमी घूम कर शहर आना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या मजदूरों और स्कूल आने वाले छात्रों को होती है। वे रेलवे लाइन पार कर आवागमन करते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुल बन गया है तो उसे जल्द शुुरू कर देना चाहिए। अभी कम से कम पैदल और छोटे वाहन को जाने की अनुमति दे दी जाए तो राहत मिले। वहीं सेतु निगम के अधिकारी के मुताबिक कार्य लगभग पूरा हो गया है। मौसम के तापमान के चलते सड़क का काम नहीं हो सका है। शहर की ओर सर्विस लेन और दूसरी ओर एप्रोच मार्ग का कुछ कार्य बाकी है। 15 फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा।
पुल पर लाइट की सुविधा नहीं, अंधेरे में करना होगा सफर-मिर्जापुर। पुल बन रहा है पर उस पर लाइन की सुविधा नहीं दी जा रही है। इस कारण ओवरब्रिज से रात में अंधेरे में ही सफर करना पड़ेगा। निर्माण कार्य में बिजली व्यवस्था के लिए कोई बजट ही नहीं है। इस कारण बिजली का कार्य नहीं हो रहा है। ऐसे में ओवरब्रिज से आवागमन शुरू होने पर अंधेरे में ही सफर करना पड़ सकता है। इससे हादसे की भी आशंका रहेगी।
ठंड के चलते सड़क बनानेे का काम नहीं हो सका है। एक ओर सर्विस लेन और दूसरी ओर एप्रोच मार्ग का थोड़ा काम बाकी है। 15 फरवरी तक काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद पुल जनता के लिए खोल दिया जाएगा। बजट में बिजली की स्वीकृति नहीं थी। इसलिए अभी पोल नहीं लगा है। पुल शुरू होने के बाद पोल आदि लगाने का कार्य भी हो जाएगा। -रोहित मिश्रा, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम