करीब 27 घंटे के प्रयास के बाद बुधवार की दोपहर ढाई बजे गोताखोरों की मदद से तेलंगाना के छात्र का शव जल प्रपात से बाहर निकला गया। शव को देख तेलंगाना से आए युवक के दोनों भाई फफक कर रो पड़े।
दशहरे की छुटटी पर 18 अक्तूबर को साई कृष्णा के सहपाठी बीटेके के छात्र विनय ने वाराणसी के बीएचयू आईटी में अध्यनरत अक्षय से मिलने की इच्छा जताई जिसपर दोनों सहपाठी वाराणसी आ गए थे।
20 अक्तूबर मंगलवार की सुबह बीएचयू से विनय, साई कृष्णा के अलावा अक्षय, विकास,प्रीतम और शिवा रेडडी अहरौरा के लखनिया दरी पर पिकनिक मनाने के लिए निकले।
दोपहर लगभग 12 बजे सभी छात्र मौज मस्ती करते चुना दरी पहुंचे। जहां अपने को तैराक बताते हुए मृतक साईकृष्णा 21 वर्ष पुत्र रवि कुमार निवासी कोत्ता कोटा महबूब नगर तेलंगाना और उसका मित्र शिवा पानी में कूदकर नहाने लगे। तीन बार आर पार किया।
इसी दौरान कुंड की गहराई नापने के लिए साईकृष्णा ने डुबकी लगाई और बाहर नहीं निकल सका। जानकारी होने पर मौके पर पहुुंचे बड़े भाई राहुल और रोहित ने बताया कि दो वर्ष पहले पिता की मौत हो गई थी।
अपने इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने के लिए साईकृष्णा संघर्षरत रहा। तीन भाईयों में सबसे छोटा होने के कारण मां का लाडला भी था।