मध्य प्रदेश के हरदी जिले में खिड़किया स्टेशन के बीच चार अगस्त को हुए ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले पड़री थानाक्षेत्र के धरमदेवा निवासी दो लोगों के शव शनिवार को गांव पहुंच गए।
शव देखते ही परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई।
धरमदेवा निवासी प्रमोद कुमार सरोज (28)तथा उनके पट्टीदार शिवशंकर सरोज (26) मुंबई में काम करते थे। प्रमोद अपने चार भाइयों के साथ मुंबई रहते थे। छोटे भाई चंदन की नौ मई को हुई शादी में सभी लोग घर आए थे।
शादी बीतने के बाद और लोग चले गए, लेकिन प्रमोद घर पर रुके रहे। चार अगस्त को शिवशंकर और प्रमोद जनता एक्सप्रेस से मुंबई जा रहे थे। शिवशंकर पैर से नि:शक्त थे। प्रमोद उनके साथ विकलांग बोगी में सफर कर रहे थे।
रात करीब 11 बजे मध्य प्रदेश के हरदी जिला स्थित खिड़किया स्टेशन के पास पुल पर पानी भरने के कारण ट्रेन हादसा हो गया। इस हादसे में ये दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घरवालों के अनुसार लगभग पौने बारह बजे शिवशंकर ने घर पर पिता के मोबाइल पर फोन कर बताया कि हादसा हो गया है और बोगी में धीरे-धीरे पानी भर रहा है। निकलने का कोई रास्ता नहीं है।
इसलिए बचना मुश्किल लग रहा है। फिर फोन कट गया। इसके बाद परिवार के लोगों ने मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की।