राजगढ़ क्षेत्र के सोनवर्षा में तैयार बनाना रिपेनिंग चैंबर का निरीक्षण करते जिला उद्यान अधिकारी
मिर्जापुर। केला हब के रुप में स्थापित राजगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में अब किसी केमिकल से नहीं बल्कि प्राकृतिक विधि से केला पकाया जाएगा। इसके लिए सोनवर्षा में एक किसान के खेत में जिले का पहला बनाना रिपेनिंग चैंबर का निर्माण कराया गया है। उद्यान विभाग के सहयोग से स्थापित उक्त चैंबर में केला पकाने के साथ ही कई दिनों तक फल और सब्जियां सुरक्षित रहेंगी।
दस टन क्षमता व 20 गुणे 15 फिट क्षेत्रफल में 16 लाख रुपये की लागत से तैयार बनाना रिपेनिंग चैंबर के बारे में किसान वीरेंद्र सिंह का कहना है कि अब उक्त चैबर में केला पकाया जाएगा। किसान ने कहा पहले केमिकल से केला पकाया जाता था। अब किसी रसायन से नहीं चैंबर के जरिए प्राकृतिक विधि से केला पकाया जाएगा। किसान ने बताया इसमें तीन से चार दिन के अंदर केला पककर खाने योग्य हो जाएगा। केमिकल रहित केला लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद रहेगा। किसान ने बताया चैबर के जरिए खुद के साथ ही आसपास के किसानों का भी सस्ते दर पर केला पकाया जाएगा।
इनसेट
बिल का झंझट खत्म, बनाना रिपेनिंग चैंबर में सोलर पैनल से चलेंगे एसी
मिर्जापुर। सोनवर्षा में किसान के खेत में स्थापित बनाना रिपेनिंग चैंबर के निर्माण से बिजली बिल की चिंता नहीं रहेगी। सोलर पैनल से इसमें लगे एसी अपना काम करते रहेंगे। जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया व्यापारियों की ओर से भले ही अपने यहां इस चैंबर का निर्माण कराया गया है लेकिन किसी किसान के यहां यह पहले चैंबर का निर्माण कराया गया है। चैंबर के निर्माण से किसानों की फल और सब्जियां अब नुकसान नहीं होगी। इसमें कई दिनों तक केला, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगनफ्रूट जैसे महंगे फल भी सुरक्षित रखे जा सकेंगे।
वर्जन
पहले न बिकने पर किसानों के फल और सब्जियां खराब हो जाया करते थे। बनाना रिपेनिंग चैंबर में केला पकाने के साथ किसान अपने फल और सब्जियां कई दिनों तक सुरक्षित रख सकते हैं। उक्त चैबर के निर्माण में खर्च 16 लाख रुपये है। इसमें लागत मूल्य का 40 प्रतिशत सब्सिडी उद्यान विभाग की तरफ से दी जाएगी।
- मेवाराम, जिला उद्यान अधिकारी मिर्जापुर।