मिर्जापुर। विंध्याचल थाने के अष्टभुजा पहाड़ी पर दर्शन करने गए महिला और पुरुष को बंधक बनाकर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की तहरीर पर पुलिस ने जब दो नामजद और तीन अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की तो सामूहिक दुष्कर्म का आरोप गलत निकला। जांच में यह तथ्य सामने आया कि युवक जिस महिला को पत्नी बता रहा था, वह उसकी महिला मित्र है।
पहाड़ी पर कुछ लोगों ने दोनों का वीडियो बनाकर पैसे के लिए ब्लैकमेल किया। इस पर विवाद हुआ। इसके बाद युवक ने महिला को अपनी पत्नी बताते हुए सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस दुष्कर्म के आरोप को गलत बताते हुए जांच कर कार्रवाई की बात कह रही है।देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने विंध्याचल कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि बीते 11 सितंबर को वह अपनी पत्नी के साथ कालीखोह मंदिर दर्शन करने गया था। कालीखोह के बाद पत्नी के साथ सीताकुंड गया। वहां दर्शन कर लौटते समय रास्ते में चार-पांच लोग मिले। नाम और पता पूछकर मारने-पीटने लगे और जबरदस्ती वीडियो बनाने लगे। दोनों को जंगल में ले गए। डंडे से पिटाई कर मोबाइल फोन और पैसे छीन लिए। तहरीर में यह आरोप भी लगाया कि दो लोग उसको पकड़े थे और चार लोगों ने बारी-बारी से उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। इस मामले में पुलिस ने सूरज, शंभू यादव और तीन अज्ञात के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, लूट, मारपीट का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि एक व्यक्ति ने बंधक बनाए जाने तथा पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। तहरीर के आधार पर दो नामजद और तीन अज्ञात पर सामूहिक दुष्कर्म और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि 11 सितंबर को पीड़ित व्यक्ति अपनी एक महिला मित्र और साथी के साथ बाइक से अष्टभुजा पहाड़ी पर घूमने गया था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे चार अन्य लोग वहां आए। चारों ने पीड़ित व्यक्ति व महिला का गलत वीडियो बनाकर पैसे की मांग की। गलत ढंग से वीडियो बनाने व पैसा मांगने की बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति ने अपने रिश्तेदार को सूचना दी। रिश्तेदार ने एक वीडियो बनाकर इंस्ट्राग्राम पर डाला कि आरोपी को जो भी जानता है, वह सूचना दे। वीडियो देख एक व्यक्ति ने पीड़ित से संपर्क किया। इन लोगों की तरफ से योजना बनाई गई कि महिला को पीड़ित व्यक्ति की पत्नी बताकर दुष्कर्म का रूप देकर प्रदर्शित करे तो पुलिस द्वारा विपक्षियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित व्यक्ति व पीड़ित महिला पति-पत्नी नहीं है। इनके बीच पिछले कुछ समय से दोस्ती है। इनके द्वारा प्रायोजित ढंग से दुष्कर्म का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, ताकि मामला पुलिस की संज्ञान में आए और कार्रवाई हो। विपक्षी ने पीड़ित व्यक्ति, उसकी महिला मित्र और साथी का वीडियो बनाकर पैसे की मांग की। इस बात को लेकर झगड़ा हुआ था। जांच के दौरान दुष्कर्म का आरोप गलत मिला है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच की गई तो दुष्कर्म का आरोप गलत मिला। पीड़ित महिला तहरीर देने वाले व्यक्ति की पत्नी नहीं, बल्कि मित्र है। दोनों का वीडियो बनाकर पैसे की मांग की गई थी। इसलिए इन लोगों ने दुष्कर्म का आरोप लगाया। मेडिकल आदि कराकर मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।