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UP: अपना दल एस कार्यकर्ता की पिटाई के मामले में मंत्री ने दिया था अल्टीमेटम, फिर भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर

Thu, 21 Nov 2024 06:38 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।

सार

अपना दल एस कार्यकर्ता की पिटाई के मामले में आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए पुलिस अधिकारियों को अल्टीमेटम भी दिया था। 
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अस्पताल में कार्यकर्ता को देखने पहुंचीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्जापुर जिले के कुरौठी पांडेय गांव में अपना दल एस कार्यकर्ता की हुई पिटाई के मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा नाराजगी जताने और अल्टीमेटम दिए जाने के बाद मुकदमा तो दर्ज हो गया, परंतु आरोपी पुलिस की पकड़ से अभी भी दूर हैं। मंगलवार को पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेने की बात कही थी, परंतु अब तक किसी को जेल नहीं भेजा जा सका है। बताया जा रहा है कि जिनके ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ है, उनके घर बुधवार को तिलक समारोह था।
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यह है मामला
कुरौठी पांडेय गांव में सोमवार की रात विवाद होने के बाद हुई पिटाई में अपना दल एस कार्यकर्ता अजय पटेल और उनकी पत्नी घायल हो गई थीं। उनको इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। मेडिकल न होने और आरोपियों पर मुकदमा दर्ज न होने पर केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल मंडलीय अस्पताल पहुंचीं। वहां अजय पटेल की पुत्री ने घर में घुसकर शराब पीने और उसे उठा ले जाने से मना करने पर पिटाई का आरोप लगाया।

इस मामले में कार्रवाई न होने पर केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल नाराज हो गईं। उन्होंने पुलिस अधिकारी और डाॅक्टर से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्रवाई के लिए दो घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद एक्शन में आई पुलिस ने सात लोगों पर जानलेवा हमला करने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया था। इस बीच बुधवार को इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। एएसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीमें लगी हैं। अभी किसी को जेल नहीं भेजा गया है।
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उधर, कुरौठी गांव की घटना में दूसरे पक्ष की तरफ से अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सामने आ गई है। क्षत्रिय महासभा ने घटना की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोनों पक्षों की सुनवाई करने की मांग की है। गलत तथ्यों के आधार पर ज्यादती होने पर महासभा ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष विनय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की एकतरफा कार्रवाई निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में दूसरे पक्ष को सुने बगैर एकतरफा प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।

केंद्रीय राज्यमंत्री को गलत फीडबैक दिया गया या उन्होंने किस वजह से महज एक पक्ष को तवज्जो दी, समझ से परे है। लड़की को उठा ले जाने की कोशिश करने और शराब पीकर मारपीट करने का आरोप गलत है। विवाद भैंस को सड़क पर बांधने को लेकर था। उन्होंने कहा कि सामान्य विवाद को जान बूझकर राजनीतिक रंग देकर बड़ा करने की कोशिश की जा रही है। आरोपी क्षत्रिय परिवार के घर तिलक समारोह है।

मांगलिक कार्यक्रम में भी लोगों को थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा है। घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बिना किसी दबाव के दोनों पक्षों को सुना जाना चाहिए। जो भी दोषी हो, कार्रवाई होनी चाहिए। पॉलिटिकल ट्रायल नहीं होना चाहिए। अगर क्षत्रिय समाज के साथ गलत तथ्यों के आधार पर ज्यादती हुई तो सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
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