मिर्जापुर। तेज धूप मे अब लोगों का घरो से बाहर निकलना मोहाल हो गया है। सोमवार को पारा 47 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह नौ बजे के बाद से ही मानों धरती पर अंगारे बरस रहे हो। सड़के सन्नाटे में तब्दील रहीं। तेज धूप से आम जनमानस घरो में दुबका रहा वहीं पशु-पक्षी भी बाग बगीचे में पेड़ के छांव में बैठे रहे। सोमवार को दोपहर बाद आसमान में भले ही बादल नजर आए लेकिन तेज धूप और गर्मी से लोगों को राहत न मिली।
शुरु हुई भीषण गर्मी को देखते हुए पंखे और कूलर का मांग बढ़ गई। नगर के वासलीगंज, घंटाघर, तेलियागंज व स्वामी दयानंद मार्ग स्थित दुकानों पर लोग ऐसे उपकरणों का मोलभाव करते दिखे। तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच ज्यादातर उन बस्तियों और मोहल्ले के लोग बेहाल रहे जहां विद्युत की कटौतियां चल रही हैं। ऐसे स्थानों पर दुकानदार से लेकर घरों के लोग पसीने से सराबोर रहे। ग्राम्यांचलों में लोग वृक्षों के नीचे बैठ दोपहरी व्यतीत करने में लगे रहे। तेज धूप और गर्मी के आंकड़ों पर गौर करें तो रविवार को जहां मौसम सबसे गर्म रहा वहीं सोमवार को भी कमोवेश यही हाल रहा।
नहीं आ रहे शीतल पेय पदार्थ
मिर्जापुर। कोरोना महामारी व लॉकडाउन के चलते गर्मी के इस मौसम मे नगर समेत ग्राम्यांचलों में स्थित बाजारों मे ठेले पर शीतल पेय पदार्थ बेचने वाले नजर नहीं आ रहे हैं। यदि कहीं दिख भी रहे तो खुद भी लोग ऐसे शीतल पेय पदार्थ पीने से परहेज कर रहे हैं। जबकि गर्मी शुरू होते ही ऐसे पदार्थों की न सिर्फ भरमार लग जा रही थी बल्कि गांवों में आइस्क्रीम ठेले के आगे, पीछे बच्चो का हुजूम उमड़ पड़ता था। बाजार में आम का पना भी बेचने वाले नजर नहीं आ रहे हैं।
गमछा और तौलिया की बढ़ी मांग
मिर्जापुर। तेज धूप और गर्मी शुरू होते ही गमछा और तौलिया का डिमांग बढ़ गयी। कपड़ों की दुकानों पर ऐसे ग्राहकों को देखा जा सकता है। जहां लोग इसके लिए मोलभाव करते दिख रहे है। बड़ा गमछा लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। लोगों का मानना है कि ऐसे गमछे जहां तेज धूप में सिर की रक्षा करेंगे वहीं कोरोना महामारी से भी बचाने का काम करेगा।