मिर्जापुर। ठंड का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। शीतलहर के साथ शुक्रवार को सुबह देर तक कोहरा छाया रहा। इससे पूरा जनजीवन ठिठुरता रहा। कोहरे के चलते सड़कों पर वाहन दिन में भी हेड लाइट के सहारे रेंगते नजर आए। रेल यातायात भी प्रभावित रहा। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दोपहर बाद निकली धूप भी बेअसर रही। ठंड से ठिठुरते लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। ठंड से बचने के लिए कोई अलाव तो कोई चाय व काफी की चुस्कियों का सहारा लेने को मजबूर है। इस बीच पाला पड़ने की आशंका से आलू, मटर व सरसो के किसानों की चिंता बढ़ गई है। ठंड से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार को दोपहर बाद धूप तो निकली लेकिन सर्द हवाओं के चलते गलन में कमीं नहीं हुई। ठंड से बचने के लिए मंडलीय अस्पताल में जहां तीमारदार धूप में बैठे नजर आए तो कार्यालय के कर्मचारी भी धूप का आनंद लेते दिखे। शाम होते ही शीतलहर ने समूचे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। बाजारों में शाम होते ही सन्नाटा पसर गया। घने कोहरे और सर्द हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे अधिक प्रभाव आलू और सरसों की फसल पर पड़ सकता है। जिगना छानबे क्षेत्र में दोपहर तक कोहरे व ठंड से जन जीवन अस्तब्यस्त रहा। सुबह नौ बजे तक दृष्यता लगभग 10 मीटर तक होने के कारण सड़कों पर नाम मात्र वाहन दिख रहे थे। जिला प्रशासन की ओर से अलाव न जलवाये जाने से बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल , धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थल पर लोग कांपते नजर आए। राजगढ़, क्षेत्र में जबरजस्त पाला पड़ रहा है। जिससे गलन बढ़ गई है। पाला से आलू सहित दलहनी और तिलहनी फसल को खतरा पैदा हो गया है। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह व तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि, आने वाले दिनों में कहीं-कही हल्के बादल दिखाई देने के साथ शीत लहर से गलन बढ़ सकती है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में थोड़ी बहुत गिरावट हो सकती है जिससे हवा में नमी बनी रहने की संभावना है।