उत्तर प्रदेशीय माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में पदोन्नत शिक्षकों ने एलपीसी जारी करने की मांग को लेकर बुधवार से धरना प्रदर्शन बीएसए कार्यालय पर शुरू हुआ।
बीएसए द्वारा पदोन्नत होने के बाद एलपीसी जारी करने पर रोक से शिक्षकों में रोष व्याप्त है। सांसद अनुप्रिया पटेल धरनारत शिक्षकों से मिली।
उन्होंने मुख्यमंत्री से वार्ताकर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। मांगें पूरी नहीं होने पर शिक्षकों ने 16 अप्रैल से भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
शिक्षक संजय सिंह ने कहा कि विगत दो फरवरी 2015 को पूर्व बीएसए धीरेंद्र नाथ सिंह द्वारा नियमानुसार और पिछड़े ब्लाकों में विकल्प के आधार पर 666 शिक्षकों की पदोन्नत सूची जारी की गई।
पूर्व बीएसए के निर्देश पर शिक्षकों ने 640 शिक्षकों ने दो दिन में कार्यभार ग्रहण कर लिया। पदोन्नत के बाद शिक्षक सुचारू रुप से शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
आयकर के चलते बीएसए द्वारा माह फरवरी का वेतन पूर्व विद्यालयों से ही जारी किया गया। उसके बाद वर्तमान बीएसए डा. पारसनाथ ने 16 मार्च 2015 को एक आदेश जारी करके खंड शिक्षा अधिकारियों को एलपीसी जारी करने से रोक लगा दिया।
सभी ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा एलपीसी जारी नहीं करने से पूर्व विद्यालयों से ही पदोन्नत शिक्षकों को वेतन जारी हो रहा है। जिससे पदोन्नत शिक्षकों में खासा रोष व्याप्त है।
बीएसए डा. पारसनाथ धरनारत शिक्षकों से मिले, लेकिन उन्होंने शिक्षकों का एलपीसी जारी करने की बात नहीं माना। सांसद अनुप्रिया पटेल धरनारत शिक्षकों से बीएसए कार्यालय पहुंचकर मिली।
उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता कर समाधान कराने का आश्वासन दिया।
धरने में आरती कटियार, रजनी सिंह, प्रशांत सिंह, बलराम सिंह, विनय कुमार सिंह, सुशील गुप्ता, राम बहादुर, अनिल त्रिपाठी, दीनानाथ दूबे, रमेश सिंह, श्रीकांत आदि शिक्षक रहे।